कृषि कानूनों के सहारे देश को गुलाम बनाने की साजिश: अखिलेश यादव




डा0 असलम/युरेशिया

मवाना । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मवाना के नव जीवन किसान डिग्री कालेज में आयोजित शहीद धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार से अंग्रेजों ने इस्ट इंडिया कम्पनी के माध्यम से देश को गुलाम बना लिया था, उसी प्रकार से देश के वर्तमान हुक्मरान देश को तीन नये कृषि कानूनों के माध्यम से देश को पुनः गुलाम बनाना चाहते है।

सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि शहीद धन सिंह कोतवाल ने जहां मेरठ की धरती से अंग्रेजों के खिलाफ अवाज उठायी, वहीं दूसरी और भगत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ आन्दोलन चलाकर और फांसी के फंदे पर स्वयं को चढाकर सच्चा समाजवादी कं्रातिकारी करार दिया। उन्होंने सरदार भगत सिंह के फांसी के समय के एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरदार भगत सिंह को फांसी लगने वाली रात को उनके वकील ने देखा कि और कहा कि जेल चाहे छोटी है, लेकिन ऐसा लग रहा है, कि शेर पिंजरे में रातभर अकेला घूमता रहा और घबराया नहीं है।  उन्होंने राम मनोहर लोहिया को आजादी का सच्चा सिपाही भी बताया और एक सिंद्वातवादी पुरूष बताया, राम मनोहर लोहिया ने ही आजादी के बाद में कांग्रेस की गलत नीतियों का जमकर विरोध किया।  उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल समाजवादी विचारधारा ही कर सकती है ओर समाजवादी विचारधारा के सहारा ही अल्पसंख्यकों एवं सवर्ण भाईयों को उनके अधिकार मिल सकते है। उन्होेंने कहा कि देश की आजादी में जितना योगदान कं्रातिकारियों का है, उनका किसी का नहीं है और इन क्रांतिकारियों के द्वारा ही देश उनकी आजादी के चलते आजाद हो पाया है और अनेक धन सिंह कोतवाल जैसे क्रंतिकारियों ने देश की आजदी के लिए फांसी के फंददे पर लटक कर देश को अंग्रेजों के चंुगलज से छुडा लिया। यादव ने कहा कि आजादी के संघर्ष में सबसे ज्यादा यातने आजादी के दीवानों ने ही सही और कोतवाल धन सिंह के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

उन्होंने प्रदेश सरकार के मुखिया पर कटाक्ष करते हुए लाल टोपी शब्द का कई बार प्रयोग किया और कहा कि लाल टोपी सभी पर अचछी लगती है और क्रांति, आन्दोलन और खून की पहचान है और हमारी इमोशनल भावना इसी में छुपी हुयी है। हस्तिनापुर की जनता से समाजवादियों की मदद का आहवान किया और मुख्यमंत्री एवं स्वामी ओमवेश की एक दूसरे तुलना करते हुए स्वामी ओमवेश को सुन्दर करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा सरकार बनी है, तभी से प्रदेश के किसानों को गन्ने का मुल्य भुगतान सही समय पर नहीं मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा व्यापारी, किसान एवं युवा वर्ग का उत्पीणन किया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी विचारधारा के सहारे ही देश को आगे बढाया जा सकता है ओर यही समाजवादी विचारधारा है, जो युवा, वंचितों, अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चलती है और अ न्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाती रहती है। हस्तिनापुर के संदर्भ में बाते करते हुए कहा कि मुझे बताया गया है कि जो यहां से जितता है, उसी की लखनउ में जाकर सरकार बनती है। साथ ही उनहोंने महा भारत के युद्ध का भी हवाला दिया और कहा कि इसी धरती पर न्याय एवं अन्याय का एक बडा युद्ध शुरू हुआ था ओर उनहोंने गीता को विश्व की सबसे बडी किताब और दुनिया की बडी पवित्र किताब बताया। अध्यक्षता राम सिंह ने की तथा संचालन अतुल प्रधान ने किया। मुस्ताक सैफी सपा नेता भारी संख्या में व्यक्तियों को लेकर वहां पर पहुंचे। इस मौके पर पूर्व केबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, प्रशांत गौतम, प्रभुदयाल वालमीकि, सगीर हलवायी, दीपक गिरि, तहजीब आलम, अजमल गाडा, जावेद कुरैशी, शादाब बहोडूपुर आदि मौजूद रहे।

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