विम्स मेडिकल काॅलेज में "मिशन शक्ति अभियान एवं महिला सशक्तिकरण" पर दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का आयोजन

Image
हिमा दास, बछेन्द्रीपाल, मैरीकाॅम, किरन बेदी जैसी विख्यात मातृशक्ति ने केवल मानसिक मजबूती एवं सघर्ष के दम पर पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाया- डाॅ सुधीर गिरि, चेयरमैन, वेंक्टेश्वरा समूह अनीस खान यूरेशिया ब्यूरो मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विम्स मेडिकल काॅलेज में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए मेडिकल एवं नर्सिंग की छात्राओ के लिए दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का शानदार आयोजन किया गया। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए विभिन्न क्षेत्रो में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराने वाली 82 महिलाओ एवं बालिकाओ को लक्ष्मीबाई नारी/बालिका शक्ति सम्मान 2021 से नवाजा गया। विश्वविद्यालय के डाॅ सीवी रमन सभागार में आयोजित दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर एवं लक्ष्मीबाई नारी/ बालिका शक्ति सम्मान-2021 समारोह का शुभारम्भ वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डाॅ सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाॅ राजीव त्यागी, डीन मेडिकल बिगे्रडियर डाॅ सतीश अग्रवाल, नर्सिंग डीन डाॅ एना ब्राउन, विख्यात स्

फर्जी तरीके से बनवाते थे सिविलियन पेंशन, आर्मी इंटेलिजेंस ने देहरादून से पूर्व सैनिक सहित पांच दबोचे


सोनू युरेशिया

मेरठ।सैनिक छावनियों के आसपास सेना से जुड़े फर्जी कागजातों को बनाने का गिरोह लंबे समय से सक्रिय रहा है। समय-समय पर ऐसे गिरोह के लोग पकड़े भी गए हैं। इसी कड़ी में सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एक और गिरोह देहरादून से पकड़ा है। यह लोग सिविलियन लोगों के लिए सेना के फर्जी पेंशनर कागजात बनाया करते थे। कागजात बनाने के लिए 50 से 60 हजार रुपये लिए जा रहे थे। इस गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार कर मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एसटीएफ के हवाले कर दिया है। इनके पास से अधिक मात्रा में फर्जी पूर्व सैनिकों के कागजात और आर्मी रबर स्टैंप मिले हैं, जिससे यह लोग फर्जी कागजात बनाया करते थे। पकड़े गए चार लोगों में विक्की थापा,पूर्व सैनिक रघुवीर सिंह और उसका बेटा संजय क्षेत्री, दीपक और प्रिंटिंग प्रेस संचालक भैरव दत्त हैं।

  • विदेशों में नौकरियों के जाल से जुड़ा है यह फर्जीवाड़ा
फर्जी कागजातों को बनाने का यह गोरखधंधा विदेशों में नौकरी भेजने वाले बड़े रैकेट से भी जुड़ा हुआ है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन कागजातों को सिविलियन को गल्फ देशों में नौकरी दिलाने के लिए तैयार किया जा रहा था। वहीं अफगानिस्तान सहित आसपास के देशों में नौकरी के लिए इन्हें भेजा जाता था। वहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग आते-जाते रहते हैं। मेरठ छावनी और देहरादून के आसपास के क्षेत्रों में हजारों की संख्या में पूर्व सैनिक रहते हैं। क्षेत्र से बहुत से लोग दूसरे देशों में नौकरी के लिए आना जाना भी करते हैं। उसी का लाभ उठाकर सिविलियन लोगों के लिए भी मोटी रकम लेकर पूर्व सैनिक के कागजात बनाकर उन्हें विदेशों में नौकरी के लिए भेजा जाता था।

Popular posts from this blog

यूपी पंचायत चुनाव : मेरठ में ग्राम प्रधान पदों की आरक्षण सूची जारी, देखें ब्लॉकवार आरक्षण की सूची

मेरठ में महिला ने तीन बेटियों समेत खुद की गर्दन काटी, एक की मौत

मुरादनगर में दर्दनाक हादसा, अंतिम संस्कार में गए लोगों पर गिरने से 23 की मौत, CM ने मांगी रिपोर्ट