ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलो से हो सकता है बड़ा हादसा

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थाने के सामने ट्रैक्टर ट्राला से लगा लंबा जाम। डॉ असलम/यूरेशिया बहसूमा। नगर में ओवरलोड वाहनों पर नहीं लग रहा अंकुश चीनी मिल में सेंट्रल से गन्ना लाने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली नगर में कभी भी बड़े हादसे को आमंत्रित कर सकते हैं नगर के मवाना रामराज रोड मार्ग पर पड़ने वाले सेंटर से मिल में गन्ना जाता है लेकिन ओवरलोड होने के कारण जहां जाम की समस्या रहती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है हालांकि पहले सैंटरो  से गन्ना ट्रक से उठाया जाता था। लेकिन अब सेंटर  से गन्ना  ट्रैक्टर  टोला से उठाया  जा रहा है  जिसमें  लगभग वजन  350  कुंटल  के करीब  होता है  जो  बहुत  अधिक है जो  दुर्घटना  को आमंत्रित करता है। संयुक्त व्यापार संघ एसोसिएशन के कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया गया इस मामले में थाना प्रभारी शिवदत्त ने बताया कि 2 दिन पूर्व कुछ ओवरलोड ट्रैक्टरों के चालान भी किए जा चुके हैं ओवरलोड वाहनों पर जल्द ही अंकुश लगाया जाएगा

अभिभावक त्रस्त : स्कूल मालिक मस्त : अभिभावको ने मजबूर होकर अपने बच्चो का नाम कटाने का फैसला लिया


आस मोहम्मद/युरेशिया ब्यूरो चीफ

मोदीनगर- बुधवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर स्थित हेरिटेज एकेडमी नामक निजी स्कूल के मालिक की मनमानी से त्रस्त होकर कुछ अभिभावकों ने स्कूल से अपने बच्चों का नाम कटाने का फैसला लिया है। जैसा कि सर्वविदित है कि कोरोना नामक वैश्विक महामारी के चलते सभी के काम धंधे चौपट हो गए हैं साथ ही काफी लोगो कि नौकरियां भी चली गई है। ऐसे समय में अभिभावकों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है एक तरफ तो काम धंधे बंद होने कि वजह से खाने के लाले पड़ रहे हैं ऊपर से स्कूलों ने बिना अभिभावकों की सहमति के ऑनलाइन पढ़ाई का तुगलकी फरमान जारी कर दिया जिसकी वजह से अभिभावकों को कर्ज लेकर लैपटॉप, मोबाइल फोन इत्यादि खरीदने पड़े व इंटरनेट का कनेक्शन भी लेना पड़ा जिसमे नेटवर्क की दिक्कत , कुछ लोग मोबाइल नही खरीद पाये , कुछ के दो बच्चो की एक साथ ऑनलाइन क्लास जैसी समस्याओ की वजह से पढाई सिर्फ खानपुर्ती तक सीमीत रही अब जबकि स्कूल मार्च महीने मै ही बंद हो गए थे जोकि अभी तक नहीं खुले हैं और कोरोना का टीका आने तक खोले भी नहीं जाने चाहिए स्कूल पूरी फीस की मांग कर रहा है जो पूरी तरह गलत  है तथा जो अभिभावक पूरी फीस जमा नहीं कर पाए उनके बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया बच्चो और अभिभावको को फ़ोन करकर कहा जा रहा है कि फीस जमा करोगे तो ही ऑनलाइन परीक्षा लि जायेगी जिन्होने जमा कर दी उन्के एग्ज़ाम हो गये , जिन्होंने नही की उनकी परीक्षा नही लि गई  जिससे बच्चे  अनावश्यक मानसिक बोझ का शिकार हो रहे हैं। अभिभावकों ने जब स्कूल मे जाकर बात की और स्कूल को अपनी मजबूरी बताई तो स्कूल मैनेजमेंट ने उनकी कोई बात नही सुनी और उनका व्यवहार और बात करने का तरीका भी ठीक नही था। जब अभिभावको को कोई रास्ता नज़र नही आया तब आखिर मे  अभिभावकों को निराश होकर अपने बच्चों का नाम स्कूल से कटाने का  फैसला लेना पड़ा।अभिभावकों मे लोकेश जी, शहजाद चौधरी, अमित कुमार, अजय शर्मा, ललित कुमार, संजय कुमार , राजीव गर्ग, विवेक त्यागी, सुनील कुमार आदी 50 से अधिक अभिभावक ने अपने बच्चो का नाम कटाने के लिये आवेदन पत्र दिया।

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