ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलो से हो सकता है बड़ा हादसा

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थाने के सामने ट्रैक्टर ट्राला से लगा लंबा जाम। डॉ असलम/यूरेशिया बहसूमा। नगर में ओवरलोड वाहनों पर नहीं लग रहा अंकुश चीनी मिल में सेंट्रल से गन्ना लाने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली नगर में कभी भी बड़े हादसे को आमंत्रित कर सकते हैं नगर के मवाना रामराज रोड मार्ग पर पड़ने वाले सेंटर से मिल में गन्ना जाता है लेकिन ओवरलोड होने के कारण जहां जाम की समस्या रहती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है हालांकि पहले सैंटरो  से गन्ना ट्रक से उठाया जाता था। लेकिन अब सेंटर  से गन्ना  ट्रैक्टर  टोला से उठाया  जा रहा है  जिसमें  लगभग वजन  350  कुंटल  के करीब  होता है  जो  बहुत  अधिक है जो  दुर्घटना  को आमंत्रित करता है। संयुक्त व्यापार संघ एसोसिएशन के कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया गया इस मामले में थाना प्रभारी शिवदत्त ने बताया कि 2 दिन पूर्व कुछ ओवरलोड ट्रैक्टरों के चालान भी किए जा चुके हैं ओवरलोड वाहनों पर जल्द ही अंकुश लगाया जाएगा

ठेकेदार व विभाग पर अनियमितताओं का आरोप

  • प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री पोर्टल, व तहसील दिवस में शिकायत कर कानूनी कार्यवाही की मांग

अरविंद गोयल/युरेशिया

बेहट(सहारनपुर) कोतवाली बेहट के ग्राम साढोली भूड में जल निगम के द्वारा निर्मित एक करोड़ 35 लाख  के वाटर टैंक में शिकायतकर्ता ने टेंडर ठेकेदार अनियमितताओं का आरोप लगाया है शिकायतकर्ता का कहना है कि टंकी के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर गड़बड़झाला किया गया है जिसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है जिसमें संबंधित विभाग के जेई के द्वारा बिना जांच किये गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायतकर्ता को गुमराह किया गया है। इतना ही नहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाटर टैंक के बोर्ड पर विभाग के द्वारा लागत मूल्य भी नहीं दर्शाया गया है। जिसके चलते आज शिकायतकर्ता ने तहसील दिवस में लिखित शिकायत सौंप कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव में बिछाई गई पाइप लाइन में भी धांधलेबाजी की गई है। इतना ही नहीं एक गांव में पानी की सप्लाई होनी थी और दूसरे गांव में भी सप्लाई के लिए पाइप लाइन दबाई गई है। जिससे स्थानीय ग्राम वासियों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।

वही इस संबंध में जब जल निगम के जे.ई. वेदपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया की निर्माण कार्य  में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। बल्कि निर्माण कार्य मे उच्च क्वालिटी की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है फिर भी शिकायतकर्ता से कल मिलकर शिकायतकर्ता के द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।


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