थाना जानी पुलिस ने अवैध शराब फैक्ट्री पकडी, तीन अभियुक्त गिरफ्तार

    

थाना पुलिस द्वारा गिरफतार किये गये शराब माफिया फोटो 2 में पुलिस द्वारा की गयी शराब से भरी पेटी ।

अनीस खान/युरेशिया


जानी खुर्द। पेपला स्थित बीएड कॉलिज में एक साल पहले पकडी गयी शराब बनाने की फैक्ट्री व वहां से मिली अवैध शराब का थाना पुलिस ने खुलासा कर एक महिला सहित चार व्यकितयों को अवैध शराब की सप्लाई में लगी कार सहित गिरफतार कर जेल भेज दिया। थाना पुलिस फरार शराब माफियाओं की गिरफतारी को दबिशो दे रही हैं। गुरूवार की रात्रि थाना कंकरखेडा पुलिस ने चैकिंग के द्वौरान भारी मात्री में अवैध शराब सहित एक व्यकित को गिरफतार किया था। कंकरखेडा पुलिस ने जब पकडे गये व्यकित से शराब की सप्लाई की जानकारी की उसके होश उड गये। पुलिस द्वारा गिरफतार व्यकित ने पुलिस को बताया कि जानी क्षेत्र के पेपला के जंगल में स्थित एक कॉलिज में अवैध शराब बनाई जा रही हैं। थाना कंकरखेडा प्रभारी निरीक्षक सागर मय फोर्स व पकडे गये व्यकित के साथ बताये गये। कॉलिज में पहुंचे तो सन्न रह गये। पुलिस ने देखा कि वहां मंसूरपुर डिस्ट्रलरी व तौफा ब्रांड की अवैध शराब बनाकर गांवो में अवैध सप्लाई के साथ साथ सरकारी ठेको पर भी कम दामों में बेची जा रही हैं। कंकरखेडा पुलिस की दबिश व शराब बरामदगी की जानकारी पर जानी पुलिस भी मौके पर पहुंची और वहां से गिफतार तीन व्यकितयों को पूछताछ के लिए थाने ले गयी। एक साह बाद थाना पुलिस ने पकडी गयी अवैध शराब फैक्ट्री में विकास पुत्र रामवीर निवासी पेपला,अमित पुत्र हरीसिंह गांव भमोरी थाना सरधना,जाकिर पुत्र अली मौहम्मद निवासी पेपला व खा पत्नी सोनू टावर वाली गली मंसूरपुर जिला मुज्जफरनगर को गिरफतार कर उनके पास से अवैध शराब में सप्लाई मारूती कार,93 पेटी तोफा,अवैध शराब से पांच ड्रम 28 बडे बो जिसमें करीब तीस हजार खाली क्वाटर सहित भारी मात्रा में अधबनी शराब,शराब बनाने के उपकरण आदि बरामद किये हैं। पुलिस ने गिरफतार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। राजनैतिक संरक्षण के चलते बडी मछलीयों तक नही पहुंचे पुलिस के हाथतोफा से ही मिला था मीरपुर जखैडा व चमरावल दर्जन भर लोगों को मौत का तोफा सरकारी खंजाने पर चोट लगाने वालें शराब माफियां क्यों हैं पुलिस की पकड से दूर।

कुछ दिन पहले पेपला गांव में पकडी गयी अवैध शराब की फैक्ट्री में पुलिस के हाथ से बडी मछली फिसल जाने से क्षेत्र में शराब माफियाओं पर राजनैतिक सरक्षंण होने के आरोप क्षेत्रीय लोगो द्वारा लगाये जा रहें हैं। प्रदेश सरकार के खजांने पर पुलिस की मिली भगत से लाखों की चोट लगाने वाले शराब माफियाओं व पर आला अधिकारियों की मेहरबानी भी क्षेत्र में चर्चाए जोरो पर हैं। पेपला गांव में शुक्रवार को पुलिस ने एक बीएड कॉलिज में अवैध शराब फैक्ट्री पकडी थी। पुलिस को मौके से सैकडो पेटी शराब के साथ बनी अधबनी शराब व करीब तीस हजार खाली पव्वे मंसूरपुर डिस्ट्रलरी के भी बरामद हुए थी। शराब माफिया अवैध शराब पर क्यूंआर कोड लगाकर जनपद व जनपद के बहार सरकारी ठेकों पर कम टो पर शराब की सप्लाई कर प्रदेश सरकार को लाखों रूपये की सरकारी खंजाने में चोट पहुंचा रहे थे। लोगो का मानना हैं कि इस सब में थाना पुलिस ने  छोटी मछलियों को तो जेल भेज दिया लेकिन राजनैतिक सरंक्षण के चलते बडी मछलियां पुलिस की पकड से दूर रही हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों का मानना हैं कि अवैध शराब की फैक्ट्री का संचालन कोई छोटे मोटे शराब के बेचने वाले नही लगा सकते इसके पीछे एक बडा शराब के कारोबारीयों पर पुलिस हाथ डाल नही पायी हैं। लोगो का तो यहां तक कहना हैं कि थाना पुलिस के बिना राजनैतिक सरक्षंण के इतना बडा नैट वर्क कोई खडा नही कर सकता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पेपला में पकडी गयी तोफा ब्रांड की अवैध शराब से थाना क्षेत्र के मीरपुर जखैडा के चार व बागपत के चमरावल के आठ लोगो को इसी तोफा नाम की शराब से मौत का तोफा तो नही मिला?। बहराल थाना पुलिस व वडे शराब माफियाओं पर पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों की मेहरबानी से लोगो का विश्वास प्रदेश सरकार से भी उड़ता हुआ नजर आ रहा है


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