ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉलो से हो सकता है बड़ा हादसा

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थाने के सामने ट्रैक्टर ट्राला से लगा लंबा जाम। डॉ असलम/यूरेशिया बहसूमा। नगर में ओवरलोड वाहनों पर नहीं लग रहा अंकुश चीनी मिल में सेंट्रल से गन्ना लाने वाले ओवरलोड ट्रैक्टर ट्रॉली नगर में कभी भी बड़े हादसे को आमंत्रित कर सकते हैं नगर के मवाना रामराज रोड मार्ग पर पड़ने वाले सेंटर से मिल में गन्ना जाता है लेकिन ओवरलोड होने के कारण जहां जाम की समस्या रहती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है ओवरलोड वाहनों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है हालांकि पहले सैंटरो  से गन्ना ट्रक से उठाया जाता था। लेकिन अब सेंटर  से गन्ना  ट्रैक्टर  टोला से उठाया  जा रहा है  जिसमें  लगभग वजन  350  कुंटल  के करीब  होता है  जो  बहुत  अधिक है जो  दुर्घटना  को आमंत्रित करता है। संयुक्त व्यापार संघ एसोसिएशन के कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया गया इस मामले में थाना प्रभारी शिवदत्त ने बताया कि 2 दिन पूर्व कुछ ओवरलोड ट्रैक्टरों के चालान भी किए जा चुके हैं ओवरलोड वाहनों पर जल्द ही अंकुश लगाया जाएगा

चंद्रभान की अनोखी शादी की पूरे जिला हिसार में हो रही है प्रशंसा

पौधों के साथ खड़े नवविवाहित दूल्हा चंद्रभान व दुल्हन पूजा रानी

हिसार,  (राजेश सलूजा): कुछ लोग अपनी जिंदगी में ऐसा अनोखा काम करके ऐसी छाप छोड़ते है,जो समाज मे एक रोशनी की तरह काम करती है। ऐसी सोच के लोग समूचे समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनते है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गांव कुम्हारिया जिला हिसार के 27 वर्षीय युवा चंद्रभान पुत्र राजेन्द्र प्रसाद ने। चंद्रभान ने समाज की लीक से हटकर काम करते हुए अपनी शादी में दहेज लेने की बजाय पर्यावरण को अच्छा बनाने के लिए 11 पौधे लिए है। 11 पौधों के अलावा चंद्रभान ने एक रूपया भी दहेज में नही लिया है। इस कार्य के लिए चंद्रभान को समूचे हिसार जिले में सराहा जा रहा है। इस बारे में चंद्रभान ने कहा कि उन्होंने अपने गुरू सुरेन्द्र आजाद व जोगिंदर पुनिया की प्रेरणा से ऐसा किया है। उन्होंने भी अपनी शादी में दहेज की जगह ऐसा ही किया था। चंद्रभान के अनुसार उनका बचपन से ही प्रदूषित होते पर्यावरण को बचाने का प्रयास रहा है। चंद्रभान ने बताया कि शादी में दहेज की जगह पौधे लेने का यह कार्य इतना आसान नही था। इसके लिए उन्हें अपने सास-ससुर के अलावा अपने माता-पिता को भी मानसिक रूप से तैयार करना पड़ा। उनके सास-ससुर इस जिद पर अड़ गए थे कि उन्हें दहेज में कुछ तो लेना पड़ेगा। लेकिन चंद्रभान ने ऐसा नही किया।चंद्रभान के पिता राजेन्द्र प्रसाद एक छोटे किसान है और 5 एकड़ भूमि में खेती करके अपना घर-खर्च चलाते है। इस बारे इम्पैक्ट अकेडमी के एमडी जोगिंदर पुनिया ने कहा कि चंद्रभान बहुत ही होनहार व प्रतिभावान युवा है व उनकी अकेडमी में नौकरी करता है। चंद्रभान की शादी गांव बेहरवाला कलां, तहसील टिब्बी(राजस्थान) की पूजा रानी से हुई है। शादी की अनोखी रस्म के लिए चंद्रभान की गांव कुम्हारिया सहित आस-पास के गांवों में खूब चर्चा व प्रशंसा हो रही है।

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