एमआईईटी में औद्योगिक स्वचालन पर अल्प अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

  • चौथी औद्योगिक क्रांति से रोजगार की अधिक संभावनाएं - डॉ डीके शर्मा

अनीस खान यूरेशिया ब्यूरो

मेरठ। बागपत-बाईपास क्रॉसिंग स्थित मेरठ इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एमआईईटी) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित छह दिवसीय अल्प अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसका विषय "औद्योगिक स्वचालन और ड्राइव" रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ एमआईईटी ग्रुप के चेयरमैन विष्णु शरण, डायरेक्टर डॉ मयंक गर्ग, डीन एकेडमिक डॉ डीके शर्मा, विभागध्यक्ष डॉ एके भारद्वाज, सीमेंस असिस्टेंट मैनेजर ट्रेनिंग कुलवंत सिंह ने किया। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, केरला, आंध्र प्रदेश, पंजाब सहित उत्तर प्रदेश से 40 शिक्षकों ने भाग लिया। कोऑर्डिनेटर डॉ एके भारद्वाज ने बताया देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिनमें से 40 शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयन किया गया। डॉ भारद्वाज ने बताया छह दिवसीय अल्प अवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा प्रायोजित है, जो शिक्षकों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क है। 

संस्थान के चेयरमैन विष्णु शरण ने कहा कि हमारी संस्थान वर्षों से कैरियर ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान कर रही है । शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। छात्रों को इंडस्ट्रीज में चल रही नई तकनीकों को संस्थान में सिखाया जाता है । जिससे छात्रों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आए सभी शिक्षक मन लगाकर सीखें ताकि अपने छात्रों को भी "औद्योगिक स्वचालन और ड्राइव" का प्रयोगात्मक ज्ञान दे सके।

निदेशक डॉ मयंक गर्ग ने कहा प्रत्येक वर्ष 1 से 1.5 करोड लोग रोजगार वर्ग में आ रहे हैं,इसलिए उद्योगों और एजुकेशन संस्थानों को कौशल विकास के साथ-साथ एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की आवश्यकता है, ताकि देश के युवा रोजगार के अवसर पा सकें। 

डीन एकेडमिक डॉ डीके शर्मा ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास उद्योग 4.0 यानी चौथी औद्योगिक क्रांति के रूप में एक बड़ा अवसर मौजूद है, लेकिन उसके लिये नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और त्वरित रूप से एक सुलभ और सुगम नीतिगत रूपरेखा तैयार करने की जरूरत है। चौथी औद्योगिक क्रांति “स्मार्ट फैक्ट्री” के कार्य करने के दृष्टिकोण को आसान बनाता है। उद्योगों में बहुत सारे समकालीन स्वचालन,डाटा एक्सचेंज तथा निर्माण तकनीकों को एक साथ सम्मिलित कर कार्य करता है । इस लिए चौथी औद्योगिक क्रांति से भारत में बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे। उद्योगों में मशीनों का स्वचालन औद्योगिक क्रांति 4.0  

 है। कार्यक्रम में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष,इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से श्वेता शुक्ला, अविनाश कुमार, डॉ आर.सी चौरसिया, विपिन कुमार, भूपेंद्र शर्मा, अंजली राणा और  मीडिया मैनेजर अजय चौधरी मौजूद रहे।

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