’पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर वेंक्टेश्वरा में ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार एवं उनके स्वतन्त्रता संघर्ष पर ’’विशाल पोस्टर प्रर्दशनी’’

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नेताजी के संघर्ष से मिली अनमोल आजादी को व्यर्थ ना जाने दे युवा- डाॅ0 सुधीर गिरि  आजादी की जंग में निर्विवाद रुप से नेता जी से बड़ा कोई पराक्रमी नहीं- कर्नल अमरदीप त्यागी देश की आजादी के लिए नेताजी का संघर्ष एवं पराक्रम समूचे भारत के लिए वन्दनीय- डाॅ0 बी0एन0 पाराशर युवाओ/छात्रो को नेताजी के जीवन दर्शन एवं संघर्ष गाथा बताने के लिए संस्थान ने अपने पुस्कालय में किया 500 से अधिक पुस्तको का संग्राहलय- डाॅ0 राजीव त्यागी  अनीस खान/ युरेशिया  मेरठ।आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती (पराक्रम दिवस 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर देश की आजादी के सबसे बड़े महानायक आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी के बलिदान को याद करते हुए ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओ ने आजादी के लिए नेताजी की संघर्ष गाथा पर सिलसिलेवार प्रकाश डालते हुए इस महान योद्धा की पराक्रम गाथा से उपस्थित स्टाॅफ एवं छात्र-छात्राओ को रुबरु कराया। इसके साथ ही विख्यात शिक्षाविद् एवं आजाद हिन्द सेना मंच से जुड़े डाॅ0 बी0एन0 पाराशर के निर्दे

नशे के बड़े कारोबारी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

  • छोटे एजेंटों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रहीं पुलिस
  • स्मैक बेचकर मोहल्लों के दुकानदार भी काट रहे चांदी


(अरविंद गोयल)

रुड़की(हरिद्वार) पुलिस भले ही नशीले कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यदा-कदा स्मैक तस्कर को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपा देती हो, लेकिन नशे की खेप के बड़े सप्लायर पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस एक और जहां छोटे-छोटे नशे के कारोबारियों को पकड़ कर जेल की सलाखों के पीछे भेजती रही है लेकिन बड़ी मछलियां अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं जिसके चलते रुड़की व आसपास के इलाकों में स्मैक का कारोबार धड़ल्ले से जारी है।

नशे की खेप पकड़ने वाली पुलिस अपनी जीडी में बरेली के बड़े सप्लायर का नाम भले ही दर्ज करती हो, लेकिन इन तक पहुंच पाना पुलिस के लिए हमेशा से चुनौती रहा है। स्थानीय तस्करों को सलाखों के पीछे भेज पुलिस अपनी गुडवर्क की फाइल मोटी करने में लगी है। बड़े सप्लायर के नहीं पकड़े जाने की वजह से ही मादक पदार्थो की तस्करी और बिक्री पर रोक नहीं लग पाई है।

रुड़की,मंगलौर, भगवानपुर,कलियर और आसपास के क्षेत्र में स्मैक, चरस और अन्य मादक पदार्थो की तस्करी जोरों पर है। करीब एक साल से शहर और देहात के स्कूल कॉलेज और हॉस्टल के आसपास नशे के सामान की बिक्री हो रही है। युवा वर्ग भी नशे की चपेट में आ रहा है। स्थानीय तस्कर भी बड़े पैमाने पर नशे के अवैध धंधे में लगे हैं। पुलिस भी स्थानीय स्तर पर कई तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है। स्थानीय पुलिस के अलावा एसटीएफ की टीम भी स्मैक के कई मामले रुड़की क्षेत्र से पकड़ चुकी है। एक साल के अंदर 100 से अधिक मामले पकड़े जा चुके है। पुलिस भी मादक पदार्थों की खेप पकड़े जाने के बाद यहीं जानकारी देती है कि स्थानीय तस्कर बरेली उप्र से यह खेप लेकर आई थी। यहां तक इनका नाम और पते भी कई बार पुलिस सार्वजनिक कर चुकी है। बावजूद इसके बरेली के इन बड़े सप्लायर को पकड़ने के लिए पुलिस ने आज तक धरातल पर कोई प्रयास नहीं किया है। पुलिस की गुडवर्क की फाइल स्थानीय तस्करों के पकड़े जाने के बाद बंद हो जाती है। पुलिस की यही लापरवाही मादक पदार्थों की तस्करों के लिए मुफिद बन रही है।

  • देहात क्षेत्र बन गया नशे का गढ़

रुड़की। देहात क्षेत्र नशे का गढ़ बन गया है। पिछले कुछ माह में भगवानपुर और कलियर, मंगलौर,लक्सर क्षेत्र में नशे के कई मामले पकड़े जा चुके हैं। एक साल के अंदर भगवानपुर क्षेत्र में 20 से अधिक मामले पकड़े जा चुके है। वहीं कलियर क्षेत्र में भी दर्जनों  मामले पकड़े गए है।मंगलौर इलाके में भी दर्जनों मामले पकड़े जा चुके है। भगवानपुर का सिरचंदी व मंगलौर का भगवानपुर चंदनपुर क्षेत्र नशे की जद में है। भगवानपुर इलाके के एक तस्कर के घर से तीन लाख की रकम बरामद हुई थी जबकि तस्कर फरार हो गया था। तस्कर तभी से फरार चल रहा है।सूत्रों के मुताबिक नशे के धंधे से जुड़े लोग बड़े ही सुनियोजित ढंग से काले कारोबार को अंजाम दे रहे है।देहात इलाको में तो मोटी कमाई के चक्कर में कुछ दुकानदार भी स्मैक बेच कर चांदी काट रहे है।

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