अब 22, 28 व 29 जनवरी को होगा वैक्सीनेशन

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वैक्सीनेशन अभियान में महिलाओं ने दिखाई सबसे ज्यादा हिम्मत  वैक्सीनेशन में डर के आगे आधी आबादी की जीत, लिखी नई इबारत युरेशिया संवाददाता मेरठ,। वैक्सीनेशन के साथ 16 जनवरी को कोरोना से अंतिम युद्ध का शंखनाद शुरू करने के बाद अब इस लड़ाई का पहला चरण 22 जनवरी शुक्रवार से शुरू होगा। इस संबंध में शासन की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 22 जनवरी के बाद वैक्सीनेशन की अगली तारीख 28 व 29 जनवरी तय की गयी है। जिले में 16 जनवरी को पहला वैक्सीनेशन किया गया। सबसे अच्छी बात यह रही कि जिले में वैक्सीनेशन करवाने वाले किसी भी लाभार्थी में साइड इफेक्ट के गंभीर लक्ष्ण नहीं मिले। 16 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों, निजी चिकित्सकों व हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण किया गया। जिले में उस दिन टारगेट 694 में से 562 स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन किया गया। जनपद में प्रथम चरण के लिए 19533 स्वास्थ्य कर्मियों को चयनित किया गया है। इसमें 9000 सरकारी और 10533 प्राइवेट लाभार्थी हैं। कोरोना वैक्सीनेशन कराने में महिला स्वास्थ्य कर्मियों का जिले में प्रतिशत 41.21 रहा। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दम

पत्रकार को धमकी देने वाले बिल्डर के खिलाफ केस दर्ज़,बिल्डर व गुर्गे फरार

युरेशिया नई दिल्ली। विश्व पत्रकार महासंघ दिल्ली प्रदेश ने मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया व एडिशनल डी सी पी रोहित कुमार मीणा को ज्ञापन व मांग पत्र सौंप कर पत्रकार मणि आर्य को धमकी देने वाले बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ करके कार्रवाई की मांग की थी। पत्रकार मणि आर्य ने दिल्ली के पहाड़गंज में बाराही माता मंदिर में चल रहे अवैध निर्माण और निगम में फैले भ्रष्टाचार और भू - माफिया बिल्डर द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर खबर को प्रकाशित की थी। जिसके बाद अब दिल्ली पुलिस ने सच दिखाकर प्रशासन को जगाने वाले स्थानीय पत्रकार मणि आर्य को धमकी देने वाले बिल्डर व उसके गुर्गों के खिलाफ नबी करीम थाना पुलिस भारतीय दंड सहिंता की धारा 506 के अंतर्गत रिपोर्ट संख्या 0013/2020 के तहत ने जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज़ कर लिया है। केस दर्ज़ होने की भनक लगते ही गिरफ्तारी के डर से आरोपी बिल्डर और उसके कई गुर्गे भूमिगत हो गए हैं। गौरतलब है की स्थनीय जनप्रतिनिधियों से सांठगांठ करके बिल्डर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण करने में माहिर माना जाता है इसलिए निगम पार्षद से लेकर महापौर तक मंदिर पर अवैध निर्माण को लेकर शिकायत के बाद भी चुप्पी साध जाते हैं। इस प्रकरण में थाना पहाड़गंज की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगता है की एक महीने की विवेचना के बाद आज तक उसने बिल्डर और क्षेत्र के गुर्गे जो क्षेत्र का घोषित बदमाश है उसके बयान तक नहीं लिए। अब विश्व पत्रकार महासंघ दिल्ली ने दिल्ली पुलिस कमिशनर एस एन श्रीवास्तव,पी एम ओ और गृहमंत्री से मिलकर पहाड़गंज थाने के प्रभारी के खिलाफ विभागीय जाँच और तब तक उनको किसी महत्वपूर्ण पद से हटाने की मांग करने के लिए ज्ञापन अथवा प्रदर्शन करने को लेकर प्रदेश कार्यकारणी की बैठक बुलायी है। इस बैठक में तय होगा की कोरोना महामारी को देखते हुए आगे की रणनीति क्या होगी। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विक्रम गोस्वामी का कहना है जब उत्तर प्रदेश में दो पत्रकारों को बलराम पुर में जिन्दा जला दिया गया क्या राजधानी दिल्ली की पुलिस पत्रकार पर जानलेवा हमला होने का इंतज़ार कर रही है ? बड़ा सवाल है जब राजधानी दिल्ली में पत्रकारों की सुरक्षा नहीं है तो राज्यों में पत्रकारों की सुरक्षा की स्थिति कितनी दयनीय होगी। उन्होंने कहा की पिछले छह वर्षो से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने,मीडिया आयोग का गठन करने की मांग को लेकर वह संगठन को साथ लेकर संघर्ष करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

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