’पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर वेंक्टेश्वरा में ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार एवं उनके स्वतन्त्रता संघर्ष पर ’’विशाल पोस्टर प्रर्दशनी’’

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नेताजी के संघर्ष से मिली अनमोल आजादी को व्यर्थ ना जाने दे युवा- डाॅ0 सुधीर गिरि  आजादी की जंग में निर्विवाद रुप से नेता जी से बड़ा कोई पराक्रमी नहीं- कर्नल अमरदीप त्यागी देश की आजादी के लिए नेताजी का संघर्ष एवं पराक्रम समूचे भारत के लिए वन्दनीय- डाॅ0 बी0एन0 पाराशर युवाओ/छात्रो को नेताजी के जीवन दर्शन एवं संघर्ष गाथा बताने के लिए संस्थान ने अपने पुस्कालय में किया 500 से अधिक पुस्तको का संग्राहलय- डाॅ0 राजीव त्यागी  अनीस खान/ युरेशिया  मेरठ।आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती (पराक्रम दिवस 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर देश की आजादी के सबसे बड़े महानायक आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी के बलिदान को याद करते हुए ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओ ने आजादी के लिए नेताजी की संघर्ष गाथा पर सिलसिलेवार प्रकाश डालते हुए इस महान योद्धा की पराक्रम गाथा से उपस्थित स्टाॅफ एवं छात्र-छात्राओ को रुबरु कराया। इसके साथ ही विख्यात शिक्षाविद् एवं आजाद हिन्द सेना मंच से जुड़े डाॅ0 बी0एन0 पाराशर के निर्दे

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम: प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

  • सीएचसी-पीएचसी पर 17 को होगा आशा-एएनएम का प्रशिक्षण


युरेशिया

मुजफ्फरनगर, 15 दिसंबर 2020 । एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी)  कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रवीण चोपड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग के समस्त प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, ब्लाक कम्युनिटी प्रोसिस मैनेजर,  ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर, जिला कार्यक्रम अधिकारी , बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। 

बता दें कि प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के संचालन के लिए दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं, जिसमें जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कोविड-19 के दृष्टिगत ऑनलाइन माध्यम से कराये जाने को कहा गया है। जबकि एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को दिया जाने वाला ब्लॉक स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यम से करना संभव नहीं है। इसलिए सीएचसी, पीएचसी पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भौतिक रूप से आयोजित किया जाएगा। आशा-एएनएम को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्रशिक्षण देंगे। यह कार्यक्रम 17 दिसम्बर को होगा। 

यूनीसेफ के डिविजन कंसलटेंट रवि प्रकाश श्रीवास्तव एवं रिजवान ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ता को आईएफए (आयरन- फॉलिक एसिड) की गोली और सिरप के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया छह से 59 माह तक के बच्चों को आईएफए सिरप दिया जाता है जबकि पांच से नौ वर्ष तक के बच्चों को आईएफए की  पिंक गोली और 10 से 19 वर्ष तक के किशोरों ( लड़के-लड़कियों) को आईएफए की नीली गोली दी जाती है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को  आयरन की लाल रंग की गोली दी जाती है। उन्होंने बताया कि गर्भवती और धात्री महिलाओं को आईएफए के साथ-साथ कैल्शियम की गोली भी खाना आवश्यक है। इस बात पर भी ध्यान देना है कि कैल्शियम एवं आईएफए की लाल गोली कभी भी एक साथ नहीं खानी है। कैल्शियम आईएफए के अवशोषण में कमी लाता है। इन दोनों गोलियों के सेवन में कम से कम दो घंटे का अंतर जरूरी है।   

ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी -जानसठ से डा.रोबिन शर्मा, पुरकाजी से डा. सलीम अहमद, मेघाखेड़ी से डा. अनिता कुमारी, बघरा से डा. मनीषा, बुढ़ाना से डा. हरविंदर सिंह, शाहपुर से डा. रमेश सिंह, मोरना से डा. विजय शर्मा, चरथावल से डा.इजहार अली, गालिबपुर से डा. कविता देवी, ब्लाक कम्युनिटी प्रोसिस मैनेजर,  ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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