’पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर वेंक्टेश्वरा में ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार एवं उनके स्वतन्त्रता संघर्ष पर ’’विशाल पोस्टर प्रर्दशनी’’

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नेताजी के संघर्ष से मिली अनमोल आजादी को व्यर्थ ना जाने दे युवा- डाॅ0 सुधीर गिरि  आजादी की जंग में निर्विवाद रुप से नेता जी से बड़ा कोई पराक्रमी नहीं- कर्नल अमरदीप त्यागी देश की आजादी के लिए नेताजी का संघर्ष एवं पराक्रम समूचे भारत के लिए वन्दनीय- डाॅ0 बी0एन0 पाराशर युवाओ/छात्रो को नेताजी के जीवन दर्शन एवं संघर्ष गाथा बताने के लिए संस्थान ने अपने पुस्कालय में किया 500 से अधिक पुस्तको का संग्राहलय- डाॅ0 राजीव त्यागी  अनीस खान/ युरेशिया  मेरठ।आज राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय/संस्थान में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस जयन्ती (पराक्रम दिवस 23 जनवरी) की पूर्व संध्या पर देश की आजादी के सबसे बड़े महानायक आजाद हिन्द फौज के संस्थापक नेताजी के बलिदान को याद करते हुए ’’नेताजी एक वैचारिक क्रान्ति’’ विषय पर सेमीनार का आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओ ने आजादी के लिए नेताजी की संघर्ष गाथा पर सिलसिलेवार प्रकाश डालते हुए इस महान योद्धा की पराक्रम गाथा से उपस्थित स्टाॅफ एवं छात्र-छात्राओ को रुबरु कराया। इसके साथ ही विख्यात शिक्षाविद् एवं आजाद हिन्द सेना मंच से जुड़े डाॅ0 बी0एन0 पाराशर के निर्दे

किसानों के आंदोलन से रोजाना 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान : एसोचैम


किसानों के आंदोलन से रोजाना 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान : एसोचैम


नयी दिल्ली,  (एजेंसी)

उद्योग मंडल एसोचैम ने मंगलवार को कहा कि किसानों के आंदोलन की वजह से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को ‘बड़ी चोट' पहुंच रही है। एसोचैम ने केंद्र और किसान संगठनों से नए कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को जल्द दूर करने का आग्रह किया है। उद्योग मंडल के मोटे-मोटे अनुमान के अनुसार किसानों के आंदोलन की वजह से क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला और परिवहन प्रभावित हुआ है, जिससे रोजाना 3,000-3,500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ‘पंजाब, हरियाणा, हिमाचाल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्थाओं का सामूहिक आकार करीब 18 लाख करोड़ रुपये है। किसानों के विरोध-प्रदर्शन, सड़क, टोल प्लाजा और रेल सेवाएं बंद होने से आर्थिक गतिविधियां ठहर गई हैं।' इससे पहले भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सोमवार को कहा था कि किसान आंदोलन की वजह से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई। आगामी दिनों में अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखेगा। इससे अर्थव्यवस्था का पुनरोद्धार भी प्रभावित हो सकता है। हीरानंदानी ने कहा कि कपड़ा, वाहन कलपुर्जा, साइकिल, खेल का सामान जैसे उद्योग क्रिसमस से पहले अपने निर्यात ऑर्डरों को पूरा नहीं कर पाएंगे जिससे वैश्विक कंपनियों के बीच उनकी छवि प्रभावित होगी।

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