पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध प्रदर्शन किया
यूरेशिया संवाददाता

कांधला। पीस पार्टी के कार्यकत्र्ताओं ने प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया है। इस दौरान दर्जनों कार्यकत्र्ता उपस्थित रहे। 

मंगलवार को नईबस्ती अन्दोसर मन्दिर के निकट पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जब से आई है उसी समय से विपक्ष की आवाज दबा कर लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास जारी है इसी क्रम में विपक्ष के नेताओं पर राजनीतिक फर्जी मुकदमे दर्ज करा कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की लालसा में लोकतंत्र को गला घोटने का काम किया जा रहा है लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष जनता की आवाज होता है और वह सरकार की जनविरोधी नीतियों पर आवाज उठाता है इधर जब से सत्ता पर भाजपा काबिज हुई है उसकी जनविरोधी नीतियां के विरुद्ध आवाज उठाने पर विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाकर जेल भेजने का काम किया जा रहा है जो निंदनीय है आरोप है कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में जनहित में आवाज उठाने पर कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे पीस पार्टी के मऊ विधानसभा अध्यक्ष, रामपुर के सांसद आजम खान सहित ऐसे बहुत से विपक्षी पार्टियों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सरकार ने जेल भेज कर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है। सरकार संवैधानिक व्यवस्था के तहत प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को छीनने का कार्य कर रही है। सरकार हर उस आवाज को जो जनहित में उठाई जा रही है उसको दबाने का कार्य कर रही है पीस पार्टी मांग करती है कि राजनीतिक द्वेष में विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरुद्ध की गई असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कार्रवाई को निरस्त कर उनके मुकदमे वापस लिए जाएं और उन्हें तत्काल जेल से रिहा किया जाए। जिससे लोकतंत्र की गरिमा कायम रह सके। पीस पार्टी के कार्यकत्र्ता ने महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्रवाही की मांग की है। इस दौरान फारुख, हकीम सूफी, अलाउद्दीन, अंसार अंसारी, नूर हसन, वाजिद, फारुख, भूरा, लतीफ, तसव्वर, फिरोज, वसीम राणा, आरिफ जंग आदि उपस्थित रहे।


परिचय- कांधला में प्रदर्शन करते हुए पीस पार्टी के कार्यकत्ता