कैराना पुलिस पर मां—बेटियों को यातनाएं देने का लगा आरोप

  • डबल मर्डर प्रकरण में पूछताछ केे लिए ली थी हिरासत में

  •  पीड़िताओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मांगा इंसाफ


निशुतोष सरोहा यूरेशिया संवाददाता

कैराना। करीब दो माह पूर्व जगनपुर के जंगल से दो लड़कियों की शवों की बरामदगी के मामले में पुलिस आरोपियों का अभी तक कोई सुराग नहीं तलाश पाई है। इसी मामले में पूछताछ के लिए कोतवाली लाई गई मां—बेटियों ने पुलिस पर मारपीट करने तथा करंट लगाकर यातनाएं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करते हुए इंसाफ की मांग की है।

       कैराना क्षेत्र के गांव जगनपुर के जंगल से गत 20 मई को दो अज्ञात लड़कियों के शव बरामद हुए थे। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ कोतवाली पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस दो माह बाद भी इस घटना का राजफाश नहीं कर सकी है। हत्यारों का सुराग लगाने के लिए पुलिस द्वारा संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है। पूछताछ के दौरान कैराना कोतवाली में मां-बेटियों को यातनाएं देने का आरोप लगा है। ऐसी ही वीडियो सोशल ​मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रही है। वीडियो में मां-बेटी आरोप लगा रही है ​कि पुलिस ने उनके साथ में मारपीट की और उन्हें करंट लगाया गया। शरीर के कुछ हिस्से पर चोट के निशान दिखाते हुए कोतवाल और एक महिला एसआई पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उनसे अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए जेल भेजने की धमकी भी दी गई है। यें क्षेत्र के इस्सापुर खुरगान गांव की रहने वाली बताई जा रही है। हालांकि, वीडियो में एक बेटी यह भी बता रही है कि डबल मर्डर प्रकरण में पुलिस का शक उनके एक रिश्तेदार पर हैं, लेकिन उन्हें कई बार पुलिस पूछताछ के लिए हिरासत में ले चुकी है। पिता को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों बेटी छात्रा बताई गई है।

      उधर, पिता ने मुख्यमंत्री के नाम शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कोतवाली प्रभारी डबल मर्डर प्रकरण में कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आने के बाद उनसे लाखों रूपये वसूलकर छोड़ दिया गया है। आरोप है कि अब उसकी दो बेटियों को चार बार घर से उठाकर 36-36 घंटे अपने कमरे में बंद करके रखा और पूछताछ ही नहीं की गई, बल्कि करंट भी लगाकर घायल किया गया। उससे और उसकी पत्नी से भी बदसलूकी करते हुए उत्पीड़न किया गया। आरोप है कि कोतवाल ने उसकी बेटियों पर अनेक प्रकार के दबाव बनाए हैं। जबकि वे बेकसूर हैं। पीड़ित ने डरा-सहमा होने की बात कहते हुए पूरे मामले की जांच कराकर कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की है। 

    दूसरी ओर, उक्त प्रकरण को लेकर ट्विटर पर भी कुछ ट्वीट सामने आए हैं, जिस पर शामली पुलिस की ओर से ट्वीट किया गया कि उक्त प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी कैराना को सौंपी गई है। प्रकरण के संबंध में कोई भी लिखित व मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष को लिखित शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय आकर अपनी रखें, जिससे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जा सके।