2 6 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली पर आदेश पारित करना हमारा काम नहीं : सुप्रीम कोर्ट

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नयी दिल्ली  (एजेंसी)।  सुप्रीम कोर्ट ने 26 जनवरी की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से कहा कि आप प्राधिकार हैं और आपको इससे निपटना है, इसपर आदेश पारित करना अदालत का काम नहीं है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 जनवरी को किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को पुलिस का मामला बताए जाने के बाद मामले में न्यायालय से हस्तक्षेप के अनुरोध वाली याचिका वापस ली।

कांग्रेसियो ने झूठे मुकदमे लगाकर जेल भेजने का लगाया आरोप


  • अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई को राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा



यूरेशिया संवाददाता


मेरठ-शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम की अलोकतांत्रिक एवं रहस्यमय तरीके से गिरफ्तार करने के संबंध में एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से यह पूछा गया कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारत के संविधान में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज को उठाने एवं सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का अधिकार हम सब नागरिकों को प्राप्त है। परंतु सरकार की दमनकारी नीति अपने अधिकारों को लड़ने वाले व्यक्ति को झूठे मुकदमे लगाकर जेल में डालने का काम कर रही है। संविधान के द्वारा हर आदमी को अपनी  आजादी व मौलिक अधिकारों पर पूर्ण अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा वाली सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से संविधान की हत्या करने पर आमादा है। अगर कोई सरकार पर सवाल उठाता है तो वह देशद्रोही है। सरकार को अपनी दमनकारी नीति छोड़नी होगी। उन्होंने मांग की है कि अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम को तुरंत रिहा करो। उन पर लगे फर्जी मुकदमे भी वापस ले। ज्ञापन देने वालों में ज़िला अध्यक्ष अवनीश काजला, महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी, पीसीसी सदस्य अखिल कौशिक, शमशुद्दीन, अनुज रतन, विनोद सोनकर, अनिल कुमार प्रेमी, मुजीबुर्रहमान, ताहिर अंसारी आदि रहे।


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