गैस सिलेंडर लीकेज होने से घर में लगी आग , हालत गंभीर

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अनीस खान यूरेशिया ब्यूरो मेरठ ।  जानी क्षेत्र के गांव  नेक में खाना बनाते समय लिकिंज सिलेंडर में आग लग गई । आग लगने से परिवार के लोग झुलसे । ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।  मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया ।       शनिवार की रात को घर में खाना बनाते समय  लिकिंज सिलेंडर में आग लग गई । आग लगने पर घर में अफरा-तफरी मच गई । ग्रामीणों ने बताया महिपाल पिता रकबर निवासी नेक की पत्नी उषा घर में खाना बना रही थी । घर में रखा सिलेंडर लीकेज हो गया।  लीकेज सिलेंडर ने आग पकड़ ली । आग पकड़ने पर घर में अफरा-तफरी मच गई । घर में रखा सामान जलकर खाक हो गया । ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया । मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल महिपाल पत्नी उषा , लड़के अजय व अमन  को सुभारती अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया ।

दस संक्रमित मरीजो ने दी कोरोना को मात


यूरेशिया संवाददाता
मेरठ-वेंकटेश्वरा के प्रतिकुलाधिपति डॉ राजीव त्यागी ने बताया कि उच्च पोषक तत्वों वाले शुद्व शाकाहारी भोजन एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले पेय पदार्थो के बल पर शत प्रतिशत स्वस्थ रिकवरी के साथ अभी तक 98 संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर अपने घर रवाना हो चुके है। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण में शत प्रतिशत स्वस्थ रिकवरी के साथ विम्स ने अनूठा कीर्तिमान बनाया है। श्री वैंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय परिसर स्थित विम्स मल्टीस्पेशयलिटी हॉस्पिटल ने वैश्विक महामारी कोरोना को शत प्रतिशत मात देते हुए दस और संक्रमित मरीजों को उनकी जॉच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उपहार, सर्टीफिकेट देकर पुष्प वर्षा कर उनके घरों के लिए रवाना किया। विम्स ने अभी तक सौ प्रतिशत कोरोना स्वस्थ रिकवरी देकर एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। जिसके लिए जिलाधिकारी, शासन के नोडल आफिसर एवं मुख्य जिकित्साधिकारी ने विम्स प्रबन्धन एवं स्टाफ की कडी मेहनत का परिणाम बताते हुए इसे कुदरत का करिश्मा करार दिया है। दस कोरोना संक्रमित मरीजों के बृहस्पतिवार को भेजे गये सभी सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आने पर जिला प्रशासन एवं विम्स प्रबन्धन ने उनको उपहार एवं कोरोना विजेता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर ’’विम्स’’ एवं वैंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डा0 सुधीर गिरि ने कहा कि देश और दुनिया के सभी हॉस्पीटल्स को विम्स माडॅल को  अपनाना चाहिये। हम पिछले तीन महीनो से बिना किसी भी सरकारी सहायता के केवल स्वः वित प्रबधन से निस्वार्थ/निशुल्क अभी तक 124 कोरोना संक्रमित लोगों का उपचार कर चुके है। जिसमें से 98 मरीज शत प्रतिशत रिकवरी के साथ ठीक होकर अपने घरों को जा चुके है। हॉस्पीटल में मात्र 26 कोरोना मरीज बचे है जो अगले सप्ताह तक ठीक हो जायेंगे। इस तरह जिला तेजी सेकोरोना मुक्त होने की और बढ रहा है। इस अवसर पर कुलपति प्रो0 पी0के0 भारती, कुलसचित डा0 पीयूष पाण्डे, नोडल आफिसर डा0 अधोपन्त, चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 सुशील शर्मा,प्रभारी डॉ0 हरिदत्त नेगी, नर्सिंग हेड पोलीन, डॉ0 अलका सिंह, डॉ0 स्मृति श्रीवास्तव, अरूण कुमार गोस्वामी, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे।


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