राष्ट्रगान में बदलाव के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम को लिखा पत्र, ट्विटर पर लिखा ये पोस्ट

नई दिल्लीः बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रगान में बदलाव के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है. स्वामी ने पीएम मोदी को भेजे गए इस पत्र को ट्विटर पर भी शेयर किया है. उन्होंने खत में कहा है कि राष्ट्रगान 'जन गण मन...' को संविधान सभा में सदन का मत मानकर स्वीकार कर लिया गया था. उन्होंने आगे लिखा है, 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा के आखिरी दिन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बिना वोटिंग के ही 'जन गण मन...' को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर लिया था. हालांकि, उन्होंने माना था कि भविष्य में संसद इसके शब्दों में बदलाव कर सकती है. स्वामी ने लिखा है कि उस वक्त आम सहमति जरूरी थी क्योंकि कई सदस्यों का मानना था कि इस पर बहस होनी चाहिए, क्योंकि इसे 1912 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में ब्रिटिश राजा के स्वागत में गाया गया था.

मंगल का कुंभ राशि मंे प्रवेश, देगा राहत भरी खबर का संदेश


  • 5 मई से मंगल ग्रह कुंभ राशि में करेंगे प्रवेश तो इसके बाद से कोरोना से कुछ राहत मिलनी होगी शुरू


नानौता (सहारनपुर)  (अरविन्द सिसौदिया) शनि और मंगल ग्रह के एक ही राशि में एक साथ आने से कोरोनावायरस जैसी भयंकर महामारी का संकट पूरे विश्व में आया है। ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक आगामी 5 मई को मंगल अपनी उच्चराशि को छोडकर कुंभ में पंहुचेगा तो इस महामारी से हल्की राहत भी मिलनी शुरू हो जाएगी।  
ज्योतिषाचार्य पं राजेश शास्त्री के अनुसार मंगल का अपनी उच्चराशि मकर में प्रवेश गत 23 मार्च को हुआ था। जिसके चलते पूरे विश्वभर में महामारी का संकट बढता चला गया। लेकिन अब 5 मई से मंगल ग्रह का कुंभ राशि में पहुंचना राहत प्रदान करने वाला होगा। आगामी 20 जून तक मंगल ग्रह कुंभ में ही रहकर मीन राशि में पंहुचेंगे। इस दौरान कोरोना का असर कम होकर काफी राहत प्रदान करेगा। आगामी 5 मई को दोपहर 2ः18 बजे मंगल ग्रह मकर राशि से निकलकर कुंभ में प्रवेश करेगा। पं राजेश शास्त्री के अनुसार शनि और मंगल का मिलन अकाल, युद्व, भारी बारिश, महामारी के कारक है। इस दौरान लोगों को लगातार महामंृत्युजय मंत्र का पाठ करना चाहिए।


Popular posts from this blog

परीक्षितगढ़ क्षेत्र के ग्राम सिखैड़ा में महिला मिली कोरोना पॉजिटिव

मवाना में अवैध मीट कटान रोकने गई पुलिस टीम पर हमला 

माछरा गांव में खुलेआम उड़ाई जा रही हैं लॉक डाउन की धज्जियां