कुत्ते राकेश की मौत, पुलिसकर्मियों ने कुत्ते की अंतिम यात्रा निकाली

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मेरठ  ( युरेशिया)  । कमिश्नरी चौराहे पर आज अनोखा नजारा सामने देखने को मिला। एक कुत्ते की मौत के बाद गमगीन पुलिसकर्मियों ने उसकी अंतिम यात्रा निकाली और और उसे सुपुर्द ए खाक भी किया । कुत्ता कोरोना काल से मेरठ कमिश्नरी चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों और पीएससी के जवानों के साथ रहता था । कुत्ते का मालिक राकेश उसे कोरोना की शुरुआती दौर में कमिश्नरी चौराहे पर छोड़ कर चला गया था ,पुलिस वालों ने उसकी देखभाल की,और उस कुत्ते का नाम भी राकेश रख दिया गया । तबसे राकेश पुलिसवालों के साथ ही रहता था । पुलिसवाले इसे अपना साथी मानकर प्रेम से साथ रखते थे । लेकिन बीमारी के चलते आज राकेश की मौत हो गई । मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर पीएसी के जवानों के साथ रहने वाला बेजुबान कुत्ता जिसका नाम राकेश था आज उसकी बीमारी के चलते मौत हो गई, उसकी मौत से पुलिसकर्मी गमगीन हो गए सुबह जब पीएसी के जवान अपनी डयूटी पर पहुंचे थे तो राकेश जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई ,पीएसी के जवानों ने राकेश की अंतिम यात्रा निकाली और उसे कमिश्नरी पार्क में ही गढ्ढे में दफना दिया । राकेश पिछले कई दिनों बीमारी से जू

कोरोना खाद्यान घोटाले में बड़े लोगों को बचा रही है सरकार- कांग्रेस

यूरेशिया संवाददाता


लखनऊ, 11 मई 2020। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुज़फ्फरनगर के कोरोना क्वारंटाइन सेंटरों में हुए खाद्यान्न घोटाले में सरकार बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे मोहरों को बलि का बकरा बना रही है। जबकि मामले में सीधे सरकार से जुड़े लोग शामिल हैं। इस पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।


कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि मुज़फ्फरनगर के चरथावल समेत पूरे ज़िले में चल रहे क्वारंटाइन सेंटरों में जिस अन्नपूर्णा फर्म को भोजन मुहैय्या कराने का ठेका उसका रेजिस्ट्रेशन ख़त्म हो चुकने के बावजूद दिया गया उसके लिए सिर्फ़ तहसीलदार लेवल के लोग ही ज़िम्मेदार नहीं हो सकते। 1 करोड़ से ज़्यादा के इस घोटाले के असली मास्टरमाइंड बड़े अधिकारी हैं जो सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के इशारे पर इस खेल को अंजाम दे रहे थे। इन्हें ही बचाने के लिए एडीएम अमित सिंह को छुट्टी पर भेजा गया है और सदर तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी को ससपेंड किया गया है। जबकि सक्षम अधिकारी होने के कारण बिना एडीएम के मर्ज़ी के फर्म को भुगतान हो ही नहीं सकता था। 


शाहनवाज़ आलम ने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी क्वारंटाइन सेंटरों से ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं जहाँ लोगों को भरपेट खाना तक सरकार नहीं दे रही है। उन्होंने इस महामारी के समय में भी बीमार लोगों के खाने के लिए आवंटित धन में भ्रष्टाचार को शर्मनाक बताया।



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