राष्ट्रगान में बदलाव के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम को लिखा पत्र, ट्विटर पर लिखा ये पोस्ट

नई दिल्लीः बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रगान में बदलाव के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है. स्वामी ने पीएम मोदी को भेजे गए इस पत्र को ट्विटर पर भी शेयर किया है. उन्होंने खत में कहा है कि राष्ट्रगान 'जन गण मन...' को संविधान सभा में सदन का मत मानकर स्वीकार कर लिया गया था. उन्होंने आगे लिखा है, 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा के आखिरी दिन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बिना वोटिंग के ही 'जन गण मन...' को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर लिया था. हालांकि, उन्होंने माना था कि भविष्य में संसद इसके शब्दों में बदलाव कर सकती है. स्वामी ने लिखा है कि उस वक्त आम सहमति जरूरी थी क्योंकि कई सदस्यों का मानना था कि इस पर बहस होनी चाहिए, क्योंकि इसे 1912 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में ब्रिटिश राजा के स्वागत में गाया गया था.

जान जोखिम में डाल कार्य कर रहे है सफाई कर्मचारी: अय्यूब कालिया



  • -चेयरमैन अय्यूबब कालिया ने कर्मचारियों को पीपीई किट वितरित की


यूरेशिया संवाददाता ताज मोहम्मद


मवाना-कोरोना वायरस कोविड-19 की महामारी से बचाव के दृष्टिगत मंगलवार को नगर पालिका परिषद मवाना कार्यालय में सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अय्यूब कालिया द्वारा पालिका के सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट का वितरण किया गया। नगर पालिका परिषद चेयरमैन अय्यूबब कालिया द्वारा सफाई कर्मचारियों के कार्यों की प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि इस महामारी से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस का प्रयोग करना बहुत जरूरी है। निरंतर हाथ साबुन से धोना व सावधानी पूर्वक अपने कार्य को अंजाम देकर  प्रत्येक कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य कर रहा है। ऐसे कर्मचारियों की जितनी सराहना की जाए कम है पीपीई किट वितरण में सभासद मौहम्मद वाजिद, सलेकचंद,  सफाई निरीक्षक योगेश कुमार, कार्यालय अधीक्षक लाखन सिंह,  सफाई नायक मनोज कुमार, राकेश, मजहर अब्बास, सुजीत आदि उपस्थित रहे।


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