राष्ट्रगान में बदलाव के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम को लिखा पत्र, ट्विटर पर लिखा ये पोस्ट

नई दिल्लीः बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रगान में बदलाव के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है. स्वामी ने पीएम मोदी को भेजे गए इस पत्र को ट्विटर पर भी शेयर किया है. उन्होंने खत में कहा है कि राष्ट्रगान 'जन गण मन...' को संविधान सभा में सदन का मत मानकर स्वीकार कर लिया गया था. उन्होंने आगे लिखा है, 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा के आखिरी दिन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बिना वोटिंग के ही 'जन गण मन...' को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर लिया था. हालांकि, उन्होंने माना था कि भविष्य में संसद इसके शब्दों में बदलाव कर सकती है. स्वामी ने लिखा है कि उस वक्त आम सहमति जरूरी थी क्योंकि कई सदस्यों का मानना था कि इस पर बहस होनी चाहिए, क्योंकि इसे 1912 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में ब्रिटिश राजा के स्वागत में गाया गया था.

इजरायल के रक्षा मंत्री का दावा, बना ली कोरोना की वैक्सीन


यूरेशिया संवाददाता


नई दिल्ली कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस खतरनाक कोविड-19 से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी इसका इलाज नहीं मिल पाया है। मगर इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि उनके देश ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है। रक्षा मंत्री नैफ्टली बेन्‍नेट ने अपने एक बयान में कहा कि इजरायल के डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने कोविड-19 का टीका बना लिया है। उन्‍होंने कहा कि हमारी टीम ने कोरोना वायरस को खत्म करने के टीके के विकास का चरण पूरा कर लिया है। यह जानकारी द जेरूसलम पोस्ट ने दी है।
रिसर्च टीम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर इजरायल के रक्षा मंत्री नैफ्टली ने बताया कि यह एंटीबॉडी कोरोना वायरस पर हमला करता है और इसे शरीर में खत्म कर देता है। उन्होंने कहा कि संस्थान अब एंटीबॉडी के लिए पेटेंट प्राप्त करने और इसके व्‍यापक पैमाने पर उत्‍पादन के लिए तैयारी कर रहा है। इस मामले में अब इजराइल के डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट के साथ रक्षा मंत्रालय समन्वय करेगा।
रक्षा मंत्री नैफ्टली बेन्नेट ने सोमवार को कहा कि मुझे बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट के कर्मचारियों पर गर्व है, जिन्होंने एक बड़ी सफलता हासिल की है। बता दें कि इजरायल ने अब तक देश में 404,000 कोरोना सैंपल्स की जांच की है और उनमें से 16,246 संक्रमित पाए गए हैं। इस देश में कोरोना वायरस से अब तक 235 लोगों की मौत हो चुकी है। 
दरअसल, पिछले महीने बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने बताया था कि उसने मूषक पर एंटीबॉडी-आधारित वैक्सीन प्रोटोटाइप का परीक्षण शुरू कर दिया है। संस्थान उन लोगों से प्लाज्मा भी इकट्ठा कर रहा है,  जो कोरोना वायरस संक्रमण से उबर चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह शोध में मदद कर सकता है। बता दें कि इजरायल द्वारा दावा किए जाने के बाद सोशल मीडिया #वैक्सीन_बना ट्रेंड करने लगा।


Popular posts from this blog

परीक्षितगढ़ क्षेत्र के ग्राम सिखैड़ा में महिला मिली कोरोना पॉजिटिव

मवाना में अवैध मीट कटान रोकने गई पुलिस टीम पर हमला 

माछरा गांव में खुलेआम उड़ाई जा रही हैं लॉक डाउन की धज्जियां