थाना मवाना पुलिस द्वारा मात्र तीन घण्टे में घर से लापता बच्चा बरामद किया

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डॉ0 असलम/युरेशिया मवाना। धनवीर पुत्र विक्रम नि0 कौल थाना मवाना जनपद मेरठ द्वारा सूचना दी गयी कि उनका 14 वर्षीय पुत्र जो स्प्रिंग डेल स्कूल में पढता है घर से स्कूल गया था और वापस घर नही आया है तथा उसके मो0नं0 9528655319 से अपने छोटे भाई अमित के फोन पर व्हाटसअप मैसेज किया गया कि, मैं जा रहा हूँ अब कुछ बनकर ही घर वापस आऊँगा । मुझे तलाश करने की कोशिश मत करना । घर वालो ने किसी अनहोनी की आशंका प्रकट की है और बताया कि हमारा लड़का इस तरह से मैसेज नही कर सकता है । इस सूचना पर थाने से टीम गठित की गयी तथा सर्विलांस सैल की मदद ली गयी । प्राप्त मोबाइल नम्बर की लोकेशन से जो टॉवर लोकेशन मिली थी पुलिस द्वारा आसपास के गांव के जंगल व ट्यूबवैल तथा खाली पडे मकानो में टीम बनाकर ढूंढवाया गया । तो लगभग 3 घण्टे के अथक प्रयास के बाद लडके को कौल गांव के जंगल से सकुशल ढूंढ निकाला गया । पूछने पर लड़के ने बताया कि मेरे टीचर ने प्रोजेक्ट दिया था और मैं उसे पूरा नही कर पाया जिसके कारण मैं स्कूल न जाकर अपने घर से भाग गया था । मुझे डर था कि मेरे पिता मुझे मारेगें । इसलिए मैंने इस प्रकार के मैसेज किये थे ।

   लॉकडाउन में बेहद जरूरी है पीने का साफ पानी  


  • कोरोना महामारी के मद्देजनजर स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह


यूरेशिया संवाददाता


मेरठ।  कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन के दौरान स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने सभी राज्यों को स्वच्छ पीने के पानी की आपूर्ति की सलाह देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं, विशेष रूप से ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पानी की आपूर्ति में कमीं हो और मेडिकल सैनिटाइजऱ की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने समाज के कमजोर वर्गों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की सिफ ारिश की है, विशेषकर ऐसी जगहों पर लोगों का ध्यान रखने को कहा है जो राहत शिविर, अस्पताल, वृद्धाश्रम, आश्रय स्थल, समाज के गरीब तबके के निवास स्थान एवं झुग्गी-झोपड़ी आदि में रह रहे हैं। इन स्थानों में पानी की आपूर्ति और सुरक्षित एवं शुद्ध पानी मुहैय्या कराने के लिए राज्य सरकारों के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभागों - बोर्डों -निगमों को निर्देशित किया गया है। कोविड-19 बीमारी के प्रसार से निपटने के लिए बनाई गई जिलों की सूक्ष्म योजनाओं में पीने योग्य पानी की उपलब्धता को शामिल करने को बेहद जरूरी बताया है।
साफ पानी की आपूर्ति के लिए शुद्धिकरण रसायन आवश्यक.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पानी को पीने योग्य बनाने के लिए आवश्यक शुद्धिकरण रसायन जैसे क्लोरीन की गोलियाँ, ब्लीचिंग पाउडर, सोडियम हाइपोक्लोराइट घोल इत्यादि को आवश्यक बताते हुए जरूरी उपाय अपनाने को कहा है। पानी को शुद्ध करने वाले रसायनों की उपलब्धता का आंकलन करने और यदि आपूर्ति में कमी है तो इन रसायन को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल कर आवश्यकता को तत्काल पूरा करने के लिए उनकी खरीदी करने को निर्देशित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जांच करने वाले किट ग्रामीणों को उपलब्ध कराने और उन्हें प्रशिक्षित करने की सलाह भी दी है।
चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति, व्यक्तिगत सुरक्षा का करें प्रबंध
 चौबीस घंटे पानी की आपूर्ति हो इसे सुनिश्चित करने के साथ ही पानी की आपूर्ति में लगे लोगों की व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रबंध जैसे मास्क, सैनिटाइटर आदि पीएचईडी के अधिकारियों को प्रदान किए जाने को निर्देशित किया गया है। पानी की आपूर्ति या प्रबंधन करने वाले कर्मी यदि संक्रमित हो जाते हैं, तो वैकल्पिक व्यवस्था करने, ऐसे लोगों जिन्हें कुछ दूर सार्वजनिक नल से पीने का पानी लाना पड़ता हो उन स्थानों पर सामाजित दूरी का पालन कराने  और पानी की आपूर्ति का समय बढ़ाए जाने की सिफारिश की गई है।
पानी आपूर्ति में ना आए रूकावट
 पीने के पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने  और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित कर उसका निवारण करने को कहा गया है। कोविड़-19 से संबंधित अन्य निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है। सीएमओ डा.राजकुमार ने बताया आदेशों को पालन नियमानुसार किया जा रहा है। इसके लिये संबधित विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिये गये है। 


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