मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में ३२३० लोगों ने उपचार का लाभ उठाया

युरेशिया संवाददाता    मेरठ। रविवार को जिले के ५७ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। पूरे जनपद में करीब ३२३० लोगों ने मेले का लाभ उठाया। आरोग्य मेले के लिये १०७ चिकित्सकों ४४३ पैरा मेडिकल स्टाफ की सेवाएं ली गयीं । इस दौरान ५०७ आयुष्मान कार्ड वितरित किये गये।  मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में ११७६  पुरुष, ११६७ महिलाओं,  ३८७ बच्चों ने पंजीकरण कराया। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में १४९४ कोरोना (एंटीजन) जांच की गयी। कोविड हेल्प डेस्क पर २०४१ लोगों का परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य मेले में सबसे ज्यादा मरीज ७४५ चर्म रोग के आये।  मेले में मौसमी बीमारियों की जांच के अलावा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ गर्भवती, बाल और किशोर स्वास्थ्य से जुड़ी जांच पर खास जोर रहा। नवदम्पति को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करते हुए उनकी पसंद के परिवार नियोजन के साधन उपलब्ध कराये गये। मेले में कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया गया।   मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अखिलेश मोहन ने बताया सभी पीएचसी पर आयोजित मेले में १२४६ पुरुषों, १४५४ महिलाओं व ४१९ बच्चों का पं

कोविड-  १९:  रात-दिन लड़ रहे जंग  चिकित्सकों  व कर्मियों को मिलेगा स्वादिष्ट भोजन

यूरेशिया संवाददाता
मेरठ । भोजन के महत्व को बताने वाली एक पुरानी कहावत है, भूखे भजन न होय गोपाला अर्थात भूखे पेट भगवान के भजन में भी मन नहीं लगता है। पेट भूखा होने पर मन भी अशांत हो जाता है। इस कहावत को अब स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। जिसके चलते अब महकमे ने कोरोना वायरस से पीडि़त अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार में दिन- रात लगे कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने जा रहा है, जिससे इन सभी का मन शांत और एकाग्रचित्त रहे और वह और बेहतर तरीके से मरीजों की सेवा कर सकें।
कोरोना वायरस से पीडित अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार मे  जिले के लगे ६०० से अधिक  चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ  रात-दिन अपनी ड्यूटी कर इस संक्रमण के फैलाव को रोकने में जुटे हैं। यह चिकित्साकर्मी इस अवधि में न तो अपने घरों को जा पा रहे हैं और न ही अपने प्रियजन से मुलाकात कर पा रहे हैं। दिन-रात की थकान भरी ड्यूटी के बाद इन चिकित्सा कर्मियों के सामने खाने का कोई संकट न रहे, इन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को लेकर परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक बद्री विशाल ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को एक पत्र लिखा है।
अपने पत्र में उन्होंने प्रदेश के चिकित्सकों के साथ ही तमाम पैरामेडिकल कर्मी भी समर्पित भाव से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में इन सभी को मानसिक रूप से सबल किए जाने की जरूरत है। इसलिए यह जरूरी है कि इन सभी के खान.पान में कोई कोताही न होने पाए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक दिन की दर से 500 रुपये अनुमन्य किए गए हैं। इसके अलावा इन सभी को मेडिकल कर्मियों को लांड्री ;कपड़ों आदि की धुलाई के लिए भी अतिरिक्त धनराधि अनुमन्य किया गया है। ए श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1500 रुपये, बी श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1250 रुपये और सी श्रेणी के नगरों में यह धनराधि 1000 रुपये निर्धारित की गई है।
 सीएमओ डा राजकुमार ने बताया महानिदेश के पत्र पर अमल शुरू किया जा चुका है। उन्होंने बताया काफी संख्या में ऐसे स्टॉफ है जो पिछले दो एक माह से अपने  परिजनों व रिश्तेदारों से कोरोना वायरस से कहा है। कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों  के उपचार व देखभाल करने के  कारण वह समय  नहीं निकाल पा रहे है। 


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