अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस: हमदर्द लैबोरेटरीज ने महिलाओं और डॉक्टरों को किया सलाम

महिलाओं ने निशुल्क परामर्श लेकर हमदर्द वेलनेस सेंटर्स का लाभ उठाया  युरेशिया संवाददाता   गाजियाबाद। महिलाओं और डॉक्टरों के निरंतर सहयोग को सम्मान देने के लिये हमदर्द लैबोरेटरीज वेलनेस कैम्पेन लॉन्च कर अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है। यह पहल कोविड-19 महामारी के विरुद्ध सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति के तौर पर घर की महिलाओं और डॉक्टरों के निरंतर सहयोग और प्रयासों की प्रशंसा करती है। इस पहल पर अपनी बात रखते हुए हमदर्द लैबोरेटरीज (मेडिसिन डिविजन) के चेयरमैन अब्दुील मजीद ने कहा कि हमदर्द का इतिहास कई छोटी-छोटी कहानियों से भरा है। इस कैम्पेन के हिस्से के तौर पर हमदर्द की लोकप्रिय हेल्थस वैन्स पहल गाजियाबाद व मेरठ की महिलाओं को मुफ्त में स्वाथय संबंमधी परामर्श दे रही है। इस पहल के द्वारा हमदर्द की योजना हजारों महिलाओं तक पहुंचने की है। हमदर्द पीसीओ/पीसीओडी और निजी समस्याओं जैसे स्वास्थ्य संबंधी मामलों के इलाज के लिये सही जानकारी की जरूरत को ध्यान में रखकर देशभर में अपने प्रसिद्ध हमदर्द वेलनेस सेंटर्स पर महिलाओं को मुफ्त परामर्श भी देगा। महिला डॉक्टर्स ने सोमवार को इन सेंटर्स पर रेडियो में वीमन ए

पहले टीबी को हराया, अब चैम्पियन बन करेंगे जागरूक


  • टीबी रोगी खोज व जागरूकता अभियान 17 से


यूरेशिया संवाददाता


मेरठ । स्वास्थ्य विभाग जनपद से टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने जा रहा है। इस मुहिम में टीबी चैम्पियन की मदद ली जाएगी। टीबी चैम्पियन वह लोग हैंए जो कभी टीबी के मरीज थेए नियमित दवा खाकर अब पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जनपद में ५ टीबी चैम्पियन चुने जाएंगे। यह लोग एक तरीके से इस अभियान के एम्बेसडर के रूप में काम करेंगे। विभाग का टीबी रोगी खोज अभियान 17 फरवरी से शुरू हो रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एमएस फौजदार ने बताया संयुक्त निदेशकए क्षय रोग डाण् संतोष गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को टीबी चैम्पियन चयन करने के संबंध में पत्र जारी कर दिशा निर्देश दिये हैं। पत्र में कहा गया है कि समाज में टीबी रोग के संबंध में लोगों को जागरूक करनें में टीबी चैम्पियन बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। यह लोग अपने अनुभवों से लोगों को रूबरू कराएंगे और बताएंगे कि टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। कोई भी टीबी का मरीज नियमित दवा के सेवन और पोषण से पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है जैसे कि वह हुए हैं। इस रोग को मात दे चुके चैम्पियन द्वारा सही तरीके से अपनी बात रखने से टीबी रोगियों के प्रति भेदभाव भी कम होगा। उन्होंने बताया वर्तमान में 12 जनपदों में टीबी चैम्पियन द्वारा जनपद टीबी फोरम में प्रतिभाग, उपचार, सपोर्टर तथा सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में कार्यकर्ता के रूप में योगदान किया है। चयन में टीबी फ्री ब्लाक को प्राथमिकता  दी जाएगी। चैम्पियन को किसी भी तरह का मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा।
डा. फौजदार ने बताया  राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी चैम्पियन का चयन किया जाना है। यह टीबी रोगियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा हालांकि शासन स्तर पर पांच टीबी चैम्पियन के चयन की बात कही गयी हैए लेकिन जनपद में 25 से 30 चैम्पियन  को बुलाया जाएगा । जिसमें पांच नियुक्त किये जाएंगे। यह सभी जागरूकता कार्यक्रम में बहुत ही उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने बताया देश को 2025 तक टीबी रोग से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ 17 फरवरी से सघन टीबी रोगी खोज अभियान ;एक्टिव केस फांइडिंगद्ध शुरू हो रहा है। यह अभियान 29 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए 159 टीम गठित की गयी हैं । जिसमें 34 सुपवरवाइजर ए11 नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे। गठित 159 टीम 89681 घरों में जाकर टीबी रोगी खोजेंगी। अभियान में 3ण्65 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया शहरी क्षेत्र में नगला बटटू, मलियाना, साबुन गोदाम, नयी बस्ती, शकुर नगर,सददीक नगर, लिसाडी, अब्दुल्लापुर, मकबरा डिग्गी, रोहटा ब्लॉक में छूर्र, हर्रा, सररूरपर, हस्तिानपुर, मवाना, खरखौदा आदि ब्लॉक में अभियान चलाया जाएगा।
सन् 2017 से शुरू हुआ था टीबी रोगी खोज अभियान


डा.फौजदार  ने बताया सरकार ने अगस्त सन् 2017 से टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया था। तब से यह अभियान समय-समय पर चलाया जाता है। उन्होंने कहा अभियान से फैली जागरूकता का ही नतीजा है कि जनपद में टीबी के रोगी इलाज के लिए आने लगे हैं। उन्होंने बताया जनपद में गत वर्ष 2019 में प्राइवेट अस्पतालों में 4450 व सरकारी चिकित्सालयों में 8610 मरीजों ने अपना इलाज कराया तथा जनवरी में अब तक 700 मरीज चिन्ह्ति किये गये हैं। जिले में 13760 टीबी मरीज हैं। उन्होंने बताया वर्ष 2018 में जिले में 8093 मरीज थे। जिसमें से 6783 को उपचार के बाद टीबी से मुक्ति मिल गयी है। जिले में 45 केन्द्रों पर टीबी की जांच नि:शुल्क करायी जा रही है।


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