केनरा बैंक(पूर्व सिंडिकेट) की ब्रांच का हुआ शुभारंभ

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फोटो परिचय:-शुभारंभ करते हुए रीजनल मैनेजर देवराज सिंह  डॉ असलम यूरेशिया बहसूमा। नगर के हसापुर रोड पर केनरा बैंक सिंडिकेट की ब्रांच स्थानांतरण करने के बाद शुभारंभ किया गया। शुभारंभ करने के बाद रीजनल मैनेजर देवराज सिंह ने कहा कि केनरा बैंक की नई जगह ब्रांच खोलने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना नहीं पड़ेगा। आसानी से अपना पैसा जमा या निकाल सकते हैं। अलग-अलग जमा करने एवं निकालने की डेक्स बनाई गई है। जिससे ग्राहकों को आसानी से पैसा जमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 114 वर्ष पूर्व हमारे संस्थापक अंबेबल सुब्बाराव पई मंगलूर कर्नाटक में एक संस्थान की न्यू रखी गई जो कि आज भारत के प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों में से एक है और 1910 में केनरा बैंक के रूप में पल्लवित हुआ। उन्होंने कहा कि सुब्बाराव पई एक महान मानव प्रेमी होने के साथ-साथ समाजसेवी भी थे। जिनके विचारों में एक अच्छा बैंक ने केवल समाज का वित्तीय हृदय होता है। उन्होंने कहा कि केनरा बैंक की 10403 शाखाएं और 13406 एटीएम जो 8.48.00.000 लोगों से ज्यादा बढ़ते आधार की सभी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। विदेश में बैंक की 8 शाखाएं हैं। डिविजनल मैनेजर अनुर

लापरवाही व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी-उदयी राम



  • गौवंशों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुये उनकी सेवा करे-अपर आयुक्त


 यूरेशिया संवाददाता


मेरठ। आयुक्त सभागार में निराश्रित/बेसहारा गौवंषों के संरक्षण के संबंध में गठित मण्डलीय समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुये अपर आयुक्त उदयी राम ने कहा कि गौवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। गौवंशों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुये उनकी सेवा करे। उन्होने सभी अधिकारियों से कहा कि आपके द्वारा किये जा रहे प्रयास धरातल पर दिखना चाहिए।
अपर निदेशक पशुपालन राजेश कुमार ने बताया कि मंडल में निराश्रित गौवंश के लिए गौ-आश्रय स्थल निर्माण/संचालन में कुल 274 अस्थायी गौवंष आश्रय स्थल है, जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 223 तथा शहरी क्षेत्र में 51 गौवंश आश्रय स्थल है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 14305 पशु तथा शहरी क्षेत्र में 8144 कुल 22449 पशु संरक्षित है। जबकि मेरठ में कुल 15 अस्थायी गौवंश आश्रय स्थल है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 12 तथा शहरी क्षेत्र में 3 गौवंश आश्रय स्थल है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 1644 पशु तथा शहरी क्षेत्र में 246 कुल 1890 पशु संरक्षित है। उन्होने बताया कि मंडल में ठंड से किसी भी गौवंश की मृत्यु नहीं हुयी है।
अपर निदेशक पशुपालन राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2018-19 में मंडल में 6 वृहद गौ संरक्षण केन्द्र की स्थापना 15.380 लाख की धनराशि से की गयी, जिसमें कुल 732 पशु संरक्षित है। वर्ष 2019-20 में मंडल में 6 वृहद गौ संरक्षण केन्द्र की स्थापना के लिए कार्यदायी संस्था को 655 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी, जिसमें कुल 500 पशु संरक्षित है, जिसमें से हापुड व बागपत का कार्य पूर्ण हो चुका है शेष का कार्य प्रगति पर है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन राम चन्द्र, सहायक नगर आयुक्त ब्रज पाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बागपत डा. रविन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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