राष्ट्रगान में बदलाव के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम को लिखा पत्र, ट्विटर पर लिखा ये पोस्ट

नई दिल्लीः बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रगान में बदलाव के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा है. स्वामी ने पीएम मोदी को भेजे गए इस पत्र को ट्विटर पर भी शेयर किया है. उन्होंने खत में कहा है कि राष्ट्रगान 'जन गण मन...' को संविधान सभा में सदन का मत मानकर स्वीकार कर लिया गया था. उन्होंने आगे लिखा है, 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा के आखिरी दिन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने बिना वोटिंग के ही 'जन गण मन...' को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार कर लिया था. हालांकि, उन्होंने माना था कि भविष्य में संसद इसके शब्दों में बदलाव कर सकती है. स्वामी ने लिखा है कि उस वक्त आम सहमति जरूरी थी क्योंकि कई सदस्यों का मानना था कि इस पर बहस होनी चाहिए, क्योंकि इसे 1912 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में ब्रिटिश राजा के स्वागत में गाया गया था.

किसान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बढाये अपनी उपज-मुख्य विकास अधिकारी


 यूरेशिया संवाददाता


मेरठ। विकास भवन में आयोजित किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुये जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जायेगा। किसानों का शत-प्रतिषत गन्ना मूल्यों का भुगतान कराने के लिए सरकार व प्रशासन कटिबद्ध है। उन्होने कहा कि पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाया जाये इसके लिए प्रशासनिक स्तर से कार्यवाही की जा रही है। उन्होने कहा कि परीक्षा के दौरान ग्रामों में बिजली कटौती न हो इसके प्रयास किये जायेगे।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, देश की तरक्की का रास्ता गांव से ही होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश सड़को पर नजर न आये यह अधिकारी सुनिश्चित करे तथा सरकार की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढग़ से क्रियान्वयन करे। उन्होने किसानो द्वारा ग्रामों में आवारा पशुओं से निजात दिलाये जाने की मांग पर कहा कि इसके प्रयास किये जायेगे। किसान सरकार द्वारा बीजों पर सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान का लाभ लें तथा स्प्रिक्लर व जैविक खेती को अपनाये। किसानों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान विशेषकर किनौनी चीनी मिल द्वारा भुगतान में देरी किये जाने पर कहा कि किसानों को गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कराया जायेगा तथा भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी।
मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा यंतीकरण योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पत्ती कटर क्रय करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह यंत्र 80 हजार से लेकर एक लाख से ऊपर का भी है। पत्ती कटर पत्तियों को काटकर खेत में मिला देने का कार्य करता है, जिससे खेत भी उपजाऊ हो जाते है। उन्होने कहा कि किसान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें तथा अपनी उपज को बढाये। इस अवसर पर पीडीडीआरडीए भानू प्रताप सिंह, उप निदेशक कृषि ब्रजेश चन्द्र, जिला गन्ना अधिकारी दुष्यंत कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, किसानों में सौदान सिंह, सोनवीर सिंह, राजपाल सिंह, वीरेन्द्र ंिसंह, अषोक कुमार, राजकुमार, उपेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, जगवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।


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