नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी भी नागरिक के खिलाफ नही : सचिन गुप्ता एडवोकेट


अतुल त्यागी जिला प्रभारी
रिंकू सैनी रिपोर्टर
प्रवीण कुमार रिपोर्टर पिलखुआ


हापुड भाजपा आई टी व सोशल मीडिया विभाग के पूर्व जिला संयोजक सचिन गुप्ता एडवोकेट ने एक बयान जारी करके कहा कि नागरिकता संशोधन कानून-2019 पर विपक्षी पार्टियां दुष्प्रचार करके  देश के नागरिकों में  फूट डालने का  कार्य कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि यह कानून भारत के किसी भी नागरिक के खिलाफ नही है। यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के उन दलितों, अनुसूचित जातियों के लोगो सहित अन्य हिंदुओं, सिखों, जैन, पारसियों, बौद्धों जैसे अल्पसंख्यकों जैसे लोगो के लिए हैं जिन पर धार्मिक भेदभाव के तहत अमानवीय अत्याचार किये गए हैं। उन्होंने कहा कि नए कानून में ऐसे पीड़ित और प्रताड़ित लोगो को नागरिकता देने का प्रावधान है, जिनके लिए भारत ही एकमात्र सहारा है। उन्होंने यह भी कहा  की नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 से किसी भी भारतीय नागरिक की नागरिकता नही जाएगी, यह कानून नियमो के तहत नागरिकता प्रदान करता है, विपक्ष के जो लोग जनता को भृमित कर रहे हैं उन्हें खुला चैलेंज है कि वो इस कानून की किसी भी धारा में नागरिकता जाने वाले कथनों को दिखा दें। देश के 125 करोड़ लोग इस कानून के समर्थन में हैं, 9 दिसंबर को लोकसभा व 11 दिसम्बर को ये बिल राज्यसभा में भारी बहुमत से पास हुआ। उन्होंने  विपक्ष की भेदभाव पूर्ण नीति  का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू-लियाकत समझौता में यह तय हुआ था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वर्ग की सुरक्षा, सम्मान व मूलभूत आवश्यकताओं की जिम्मेदारी पाकिस्तान की होगी परन्तु पाकिस्तान ने कभी इस समझौते को नही माना। हम सभी माननीय प्रधानमंत्री जी का बहुत बहुत धन्यवाद करते है, करीब 3 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिये आज भारत में हैं उनकी पहचान जरूरी है, घुसपैठियों व शरणार्थियों में जमीन आसमान का अंतर है जो सभी को समझना होगा, घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नही किया जाएगा, किसी घुसपैठिये की कोई खैर नही है।


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