4 दिन से लापता युवक की गुमशुदगी की दी तहरीर

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लापता बच्चे का फोटो डॉ असलम/ युरेशिया  बहसूमा। नगर के मोहल्ला चैनपुरा का रहने वाला एक 17 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजन 4 दिनों से उसकी तलाश में जुटे हुए थे। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। गायब हुए बच्चे के पिता ने थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थाने पर तहरीर देते हुए लापता हुए एक बच्चे के पिता शकील पुत्र सिराजुद्दीन ने बताया कि उसका पुत्र नईम उम्र 17 वर्ष बीते 28 फरवरी को घर से बिना बताए चला गया। जब 1 मार्च की शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी रिश्तेदारी एवं संबंधियों में तलाश की। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पीड़ित ने थाने पर गुमशुदगी की तहरीर देते हुए बरामदगी की मांग की है। थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज चौधरी का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना वायरस के बढते प्रकोप को देखते हुए स्वास्य विभाग का अलर्ट

यूरेशिया संवाददाता


मुजफ्फरनगर। विश्व भर में 3 हजार से भी अधिक लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले नोवल कोरोला वायरस के बढते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सर्तक हो गया है। कोरोना वायरस की भयावहता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चीन में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। इसी कड़ी में भारत में भी अलर्ट जारी है। भारत में हर शहर में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष इंजाम किए है। ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके। मुजफ्फरनगर के अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनानए गए है। ताकि वायरस से संक्रमित मरीजों को रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल में विशेष इंतजाम किये गये है। और स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट है।
    सीएमओ डा प्रवीण चोपड़ा ने बताया चीन के बुहान शहर में निमोनिया के रोगियों में अचानक व्द्घि हुई है। भारत सरकार जारी की गयी एडवाइजरी को देखते हुए एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया।  जिसमें 10-15 बैड रखे गए है। वार्ड में बचाव व इलाज के लिये विशेष इंतजाम किये गये है। इसके लिये विशेष चिकित्सकों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उन्होने बताया जिले में अभी तक कोई भी ऐसा मरीज नहीं मिला है। अन्य प्रदेशो से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अगर इस प्रकार का कोई भी मरीज आता है तो उसका ईलाज वायरस की तरह की किया जाएगा। 
  जिला अस्पताल के सीएमएस डा पंकज अग्रवाल ने बताया कोरोना वायरसों का एक बड़ा समूह है जो जानवरों में आम है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। और खांसी, छींक या हाथ मिलाना जोखिम का कारण बन सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि आस-पास के प्राइवेट अस्पतालों में भी निर्देश दिए गए है, कि यदि इस तरह का कोई भी मरीज अस्पताल में आता है तो जिला अस्पताल में तत्काल सूचना दें। 
क्या है इसका इलाज
• ऐहतियात बरतें
• किसी बीमार, झुकाम, निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें
• मास्क पहनें
• आंखों, नाक और मुंह को न छुएं
• हाथों को बार बार अच्छे से साबुन से धोएं


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