एनीमिया मुक्त भारत अभियान: हर सोमवार बच्चों को खिलायी जाएंगी आयरन की गोलियां

 यूरेशिया संवाददाता


नोएडा। एनीमिया मुक्त भारत के विशेष आईईसी (इन्फार्मेशन, एजूकेशन, कम्युनिकेशन) अभियान के तहत जागरूकता के लिए स्कूलों में रोजाना बच्चों के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। बच्चों के अभिभावकों को एनीमिया से निपटने के गुर बताए जाएंगे । इसके साथ ही बच्चों को आयरन की गोली खिलायी जाएगी।
कार्यक्रम की प्रभारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. शशि कुमारी ने बताया अभियान के तहत छह माह से पांच साल तक के बच्चों को प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर सप्ताह में दो बार एक एमएल आयरन का सिरप पिलाया जाएगा। प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले पांच से दस साल तक के बच्चों को हर सोमवार को आयरन की पिंक गोली खिलायी जाएगी। इस गोली को स्कूलों में मिड-डे-मील के एक घंटे बाद खिलाया जाएगा। 11 से 19 साल के विद्यार्थियों  को नीले रंग की गोली खिलायी जाएगी, इसे भी मिड-डे-मील के एक घंटे बाद खिलाया जाएगा। उन्होंने बताया गोलियां  खिलाने के बाद बच्चों को करीब एक घंटे तक शिक्षक अपनी निगरानी में रखेंगे और विभिन्न गतिविधियों में व्यस्त रखेंगे। जनपद में 52 इंटर कालेज, 258 अपर प्राइमरी स्कूल और 471 प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को आयरन की गोलियां खिलायी जाएंगी।



  • हर सप्ताह होंगी गतिविधियां व प्रतियोगिता


स्कूलों में हर सप्ताह प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिसका फोकस एनीमिया मुक्त भारत अभियान होगा। इसके तहत पहले सप्ताह स्मार्ट कलाकार (पोस्टर प्रतियोगिता)- इस गतिविधि के लिए एनीमिया और पांच खाद्य  समूह दो विषय होंगे। दूसरे सप्ताह स्मार्ट अभिनेता- अभिनेत्री ( लघु नाटिका प्रतियोगिता) विद्यार्थियों को दिये गये विषय पर लघु नाटिका तैयार करने और प्रदर्शन करने के लिए कहा जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में एनीमिया के प्रभाव पर समझ विकसित करना है। तीसरे सप्ताह स्मार्ट शेफ (आयरन युक्त व्यंजन विधि प्रतियोगिता) – इसमें विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर से उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल करके आयरन से भरपूर भोजन तैयार करने के लिए व्यंजन विधि लिखने के लिये कहा जाएगा। चौथे सप्ताह स्मार्ट खिलाड़ी प्रतियोगिता- इसमें विद्यार्थियों को बाधा और बाधा मुक्त ट्रैक पर दौड़ने को कहा जाएगा। सबसे कम समय में दौड़ पूरी करने वाले दो विद्यार्थी विजेता होंगे। पांचवें सप्ताह स्मार्ट ब्रेन-दिमाग क्विज प्रतियोगिता- इसमें बच्चों से एनीमिया संबंधित सवाल किये जाएंगे। इसका उद्देश्य एमीमिया, इसके कारण, प्रभाव व बचाव पर समझ विकसित करना है।
इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (इआरएस) टीम का गठन
हर ब्लाक पर इआरएस टीम का गठन किया जाएगा। हर सोमवार को टीम ब्लाक पर मौजूद रहेगी। सभी स्कूलों के टेलीफोन नंबर इस टीम के पास रहेंगे। इसके साथ ही हर स्कूल में इस टीम का नंबर उपलब्ध रहेगा। जो जरूरत पड़ने पर संपर्क कर सकें।



  • हर स्कूल में दो नोडल शिक्षक


हर स्कूल में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के दो नोडल शिक्षक नियुक्त किये जाएंगे। इन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षित किया जाएगा। सोमवार को प्रार्थना सभा के दौरान नोडल शिक्षक द्वारा एनीमिया के बारे में चर्चा करेंगे एवं आयरन गोली के उपयोग पर प्रदर्शन  किया जाएगा।



  • शिक्षक भी खाएंगे गोली


हर सोमवार को कक्षा अध्यापक, कक्षा मॉनीटर के साथ समन्वय करते हुए मिड-डे-मील के एक घंटे बाद सभी बच्चों को नीली  गुलाबी गोली अपने सामने खिलाएंगे। साथ में शिक्षक भी गोली खाएंगे।



  • पंचायती राज विभाग की भूमिका


यह विभाग सभी वर्ग के लोगों को आयरन के महत्व और लाभ के बारे में अवगत कराएगा, साथ ही एनीमिया मुक्त भारत से संबंधित संदेशों का प्रचार प्रसार करेगा।



  • बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की भूमिका


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की स्थिति की जांच के लिए प्रोत्साहित करेंगी और उन्हें स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर आयोजित टी-3 कैम्प की सूचना देंगी और उन्हें कैम्प में लेकर जाएंगी।
डा. शशि ने बताया अभियान के तहत पिछले दिनों धर्मगुरुओं का सम्मेलन आयोजित कर उनका संवेदीकरण किया जा चुका है। आईईसी प्रचार सामग्री सभी ब्लाक, स्कूलों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पहुंचा दी गयी है। सभी जगह पोस्टर लगाए जा रहे हैं।


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