विम्स मेडिकल काॅलेज में "मिशन शक्ति अभियान एवं महिला सशक्तिकरण" पर दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का आयोजन

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हिमा दास, बछेन्द्रीपाल, मैरीकाॅम, किरन बेदी जैसी विख्यात मातृशक्ति ने केवल मानसिक मजबूती एवं सघर्ष के दम पर पूरी दुनिया में भारत का डंका बजाया- डाॅ सुधीर गिरि, चेयरमैन, वेंक्टेश्वरा समूह अनीस खान यूरेशिया ब्यूरो मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विम्स मेडिकल काॅलेज में मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए मेडिकल एवं नर्सिंग की छात्राओ के लिए दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का शानदार आयोजन किया गया। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए विभिन्न क्षेत्रो में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराने वाली 82 महिलाओ एवं बालिकाओ को लक्ष्मीबाई नारी/बालिका शक्ति सम्मान 2021 से नवाजा गया। विश्वविद्यालय के डाॅ सीवी रमन सभागार में आयोजित दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर एवं लक्ष्मीबाई नारी/ बालिका शक्ति सम्मान-2021 समारोह का शुभारम्भ वेंक्टेश्वरा समूह के चेयरमैन डाॅ सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाॅ राजीव त्यागी, डीन मेडिकल बिगे्रडियर डाॅ सतीश अग्रवाल, नर्सिंग डीन डाॅ एना ब्राउन, विख्यात स्

बसन्त पंचमी पर यज्ञ आयोजित


 यूरेशिया संवाददाता


बडौत। माघ मास के शुक्‍ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाने वाला त्‍योहार बसंत पंचमी गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल में बसन्त पंचमी पर यज्ञ व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गए। छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कस्तूरबा विद्यालय में बालिकाओं ने नाटिकाओं का भी मंचन करते हुए माँ सरस्वती को नमन किया। कैम्ब्रिज पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजीव कुमार, कस्तूरबा की वार्डन मधु, शिक्षिका रश्मि का कहना था कि इस दिन विद्या, बुद्धि और ज्ञानदायिनी मां सरस्‍वती की पूजा की जाती है और इस उत्‍सव पर देश भर में रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है। इस अवसर पर छोटे बच्‍चें की विद्या का आरंभ करवाए जाने की भी परंपरा है। इसके अलावा विद्यार्थी, लेखक, कवि, गायक, वादक और साहित्‍य से जुड़े लोग भी इस दिन मां सरस्‍वती की आराधना करते हैं। आइए जानते हैं कैसे शुरू हुई। माना जाता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को बुद्धि और विद्या का वरदान प्राप्त होता है। वसंत पंचमी के त्योहार पर लोग पीले वस्त्र पहनते हैं और पीले रंग के फूलों से मां सरस्वती की पूजा करते हैं। वहीं, कई स्कूलों में भी सरस्वती पूजा की जाती है। शास्त्रों के अुनसार वसंत पचंमी से सर्दी कम हो जाती है और गर्मी के आगमन की आहट मिलने लगती है। वसंत पंचमी तिथि को शादी-विवाह, गृह प्रवेश आदि कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।


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