आमजन व बच्चों को करें खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक-एडीएम सिटी


यूरेशिया संवाददाता


मेरठ। जनपद में खाद्य सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने से स्कूल व कालेजों में खाद्य सुरक्षा नोडल अधिकारी नामित किये जायेंगे तथा उनका प्रशिक्षण कराया जायेगा ताकि वह बच्चों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सके। खाद्य पदार्थों से सबंधित सभी सरकारी व गैर सरकारी दुकानों का पंजीयन अनिवार्य रूप से हो यह सुनिश्चित किया जायेगा। आंगनबाडी केन्द्र में बनाये जा रहे हॉट कुक्ड फूड व प्राथमिक विद्यालयों में दिये जा रहे दोपहर के भोजन की रैन्डमली चैकिंग करायी जायेगी तथा जागरूक दुकानदारों की दुकानो के बाहर हम खाद्य पदार्थ बनाने में खाद्य तेलों का पुन: उपयोग नहीं करते है, इसके बोर्ड लगाये जायेंगे।
बचत भवन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये अपर जिलाधिकारी नगर अजय तिवारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी व गैर सरकारी खाद्य पदार्थो की दुकाने जिसमें सरकारी राशन की दुकान भी आती है सभी का पंजीयन खाद्य सुरक्षा विभाग कराये। उन्होंने बताया कि 100 रूपये प्रतिवर्ष की दर से यह पंजीयन किया जाता है।
आंगनबाडी केन्द्रों में बनाये जा रहे हॉट कुक्ड फूड व प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बनाये जा रहे दोपहर के भोजन की रैन्डमली चैकिंग करायी जाये। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विषेषकर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में संचालित कैन्टीन का पंजीयन भी आवश्यक रूप से कराया जाये। समस्त मंडी समितियों के खाद्य कारोबार कर्ताओं व आढ़तियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य पंजीकरण से आच्छादित किया जाये। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार मिश्रा ने बताया कि अमूमन घरो में इस्तेमाल होने वाली मुख्य पांच चीजो खाद्य तैल, नमक, आटा, दूध आदि को फोर्टिफाईड किये जाने पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा में एक कम्पनी द्वारा उपयोग किये गये खाद्य तेल से बायो डीजल बनाने का कार्य किया जा रहा है। यह कम्पनी अभी फिलहाल बडी कम्पनियों मैकडोनाल्ड आदि से उपयाग में लाये गये खाद्य तैल को ले रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अपै्रल 2019 से दिसम्बर 2019 तक कृत कार्यवाही में 2783 निरीक्षण, 385 छापे, 517 नमूने लिये गये, जिसमें से 440 रिपोर्ट प्राप्त हुयी, उनमें से 130 अधोमानक, 44 असुरक्षित व 73 में मिथ्याछाप व नियमों का उल्लंघन करना पाया गया। कुल 247 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाये गये। उन्होंने बताया कि जिन नमूनों की जांच में कमी पायी गयी है उनके विरूद्ध कार्यवाही की गयी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की डीओ अर्चना धीरान ने बताया कि जनपद में 471 स्कूलों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, जिससे उन्हें एफएसएसएआई द्वारा दी जाने वाली सूचना सीधे पहुंच जाती है।  अभियान चलाकर 46246 बच्चो को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया, जिसको आगे भी चलाया जायेगा। खाद्य पदार्थ की बिक्री करने वाली दुकानों के बाहर दुकानदारों को प्रेरित करके हम उपयोग में लाये गये खाद्य तेल को दोबारा इस्तेमाल नहीं करते है, इस आशय के बोर्ड लगवाये जायेंगे, जिससे आमजन खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रेरित होगा।
इस अवसर पर ड्रग इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य, एफएसओ अनिल कुमार गंगवार, चंद्रभानू, सुमन पाल, उमेश कुमार, अश्वनी कुमार, दलबीर सिंह, रीना शर्मा, परमवीर सिंह, सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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