17 फरवरी से चलेगा सघन टीबी रोगी खोज अभियान

यूरेशिया संवाददाता


नोएडा। देश को 2025 तक टीबी रोग से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ जिला क्षय रोग विभाग एक बार फिर सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) शुरू करेगा। 10 दिवसीय अभियान 17 फरवरी से शुरू होगा। इसके लिए शीघ्र ही टीम गठित की जाएंगी। एक टीम में तीन सदस्य रहेंगे। उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि घर जाकर लोगों से कैसे पेश आना है और कौन-कौन से सवाल करने हैं।


जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. शिरीश जैन ने बताया घर-घर जाने वाली टीम, वहां मौजूद हर सदस्य से बात करके यह जानकारी जुटाएंगी कि घर में किसी को 15 दिन से बुखार या खांसी तो नहीं है। बलगम में खून तो नहीं आ रहा है या फिर वजन तो नहीं गिर रहा है। इनमें से कोई भी लक्षण किसी सदस्य को होने पर टीम उसका बलगम का सेंपल लेगी और उसकी जांच कराएगी। यदि जांच में टीबी पाई गई तो मेडिकल सुपरवाइजर उसका टीबी का उपचार शुरू करेगा। उन्होंने बताया टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर देता है, इसलिए टीबी के मरीज की जल्दी पहचान होने के बाद तत्काल उसका उपचार शुरू होना जरूरी है। इस कड़ी में यदि एक भी मरीज पहचान हुए बिना रह गया तो कड़ी टूट जाएगी।


सन् 2017 से शुरू हुआ था टीबी रोगी खोज अभियान


डा. जैन ने बताया सरकार ने अगस्त सन् 2017 से टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया था। तब से यह अभियान समय-समय पर चलाया जाता है। उन्होंने कहा अभियान से फैली जागरूकता का ही नतीजा है कि जनपद में टीबी के रोगी इलाज के लिए आने लगे हैं। उन्होंने बताया जनपद में अगस्त 2017 में चलाए गये अभियान में 51 रोगी मिले। मार्च 2018 में 59 रोगी, जून 2018 में 36 रोगी, सितम्बर 2018 में 44 रोगी, जनवरी 2019 में 35 रोगी, जून 2019 में 43 रोगी, अगस्त 2019 में 34 रोगी मिले। अब तक चलाए गये अभियानों में 302 रोगी घरों से खोजे गये।


जागरूकता बढ़ी- मरीज बढ़े


जिला क्षय रोग अधिकारी का कहना है कि जागरूकता बढ़ने से मरीजों की संख्या बढ़ी है। उनका कहना है कि पहले लोग इस बीमारी को छिपाते थे। इलाज कराने नहीं आते थे। अब लोगों में जागरूकता बढ़ी है और लोग इलाज के लिए आने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में जनपद में टीबी के 3232 मरीज थे। सन् 2016 में 4211 मरीज, 2017 में 4283 मरीज, 2018 में 5642 मरीज, 2019 में यह संख्या 6478 हो गयी। यह आंकड़ा सरकारी स्तर पर इलाज कराने वालों का है। इसके अलावा निजी अस्पतालों में सन् 2016 में 962, 2017 में 1210, 2018 में 2145, 2019 में 3337 मरीजों ने इलाज कराया।    


डीटीओ की अपील


जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जैन ने लोगों से अपील की है कि वह लक्षणों के आधार पर जांच जरूर कराएं। किसी भी स्थिति में रोग को छिपाएं नहीं। यह उनके और उनके परिवार के सदस्यों के लिए घातक हो सकता है। सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच और इलाज मुफ्त होता है।


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