विनायक विद्यापीठ के छात्र रिकान्त नागर ने राज्य स्तर पर प्राप्त किया प्रथम स्थान

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प्रयागराज में आयोजित 54वीं उत्तर प्रदेश राज्य वार्षिक एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में जीता स्वर्ण पदक युरेशिया विनायक विद्यापीठ महाविद्यालय ने एक बार फिर जीत का परचम लहराकर राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र रिकांत नागर ने प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय स्पोर्ट्स स्टेडियम द्वारा आयोजित 54वीं उत्तर प्रदेश राज्य वार्षिक एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन दिया है। रिकांत ने अंडर - 20 इवेंट में 110 हर्डल रेस में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। और 400 हर्डल रेस में कांस्य पदक हासिल किया। संस्थान के चेयरमैन डॉ सोमेंद्र तोमर हमेशा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत रहते हैँ। वह स्वयं भी खेल कूद से जुड़े रहते हैँ व छात्र छात्राओं को भी प्रेरित करते हैँ। रिकांत के इस प्रदर्शन पर उन्होंने विशेष शुभकामनायें प्रेषित की। इस मौके पर संस्थान की प्राचार्या डॉ उर्मिला मोरल ने बुके व सर्टिफिकेट देकर रिकांत को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वह बेहद गौरवान्वित महसूस करती हैँ ज़ब भी संस्थान के छात्र छात्रा विभिन्न क्षेत्रों में अपना उम्दा प्रदर्शन

बागपत: ब्लड चढ़ाते समय गर्भवती महिला की मौत, हॉस्पिटल में तोड़फोड़ 


 यूरेशिया संवाददाता


बागपत। बागपत जनपद की बड़ौत तहसील में छपरौली रोड स्थित सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर पर ब्लड चढ़ाते समय एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। गुस्साएं परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर तोड़फोड़ की और चिकित्सकों के साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट करने पर उतारू हो गए। परिजनों का गुस्सा देखकर चिकित्सक व कर्मचारी हॉस्पिटल को छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह से परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। 
दरअसल, भगवानपुर नांगल निवासी प्रदीप ने बताया कि उसकी पत्नी मोना (32)  गर्भवती थी। हालत खराब होने पर बुधवार की सुबह करीब 10 बजे नगर के छपरौली रोड स्थित सरस्वती हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर पर उपचार के लिए मोना को भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच करने के उपरांत बताया था कि ब्लड की कमी है। ब्लड चढ़ाना बहुत जरूरी है। जिसके बाद परिजन ब्लड का इंतजाम करने में जुट गए और गाजियाबाद से ब्लड लेकर आए। ब्लड चढ़ाते समय शाम को करीब चार बजे अचानक से मोना की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उन्हें गुमराह करते हुए आनन-फानन में मृत को आस्था हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि वह मोना को एंबुलेंस से लेकर आस्था हॉस्पिटल पहुंचे, जहां पर उन्होंने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजन शव को लेकर वापस सरस्वती हॉस्पिटल पहुंचे। गुस्साएं परिजनों ने हॉस्पिटल मे तोड़फोड़ की और शव को रखकर हंगामा किया। चिकित्सकों के साथ जमकर गाली-गलौच की और मारपीट करने पर उतारू हो गए। मृतका के परिजनों का गुस्सा देखकर चिकित्सक व कर्मचारी हॉस्पिटल को भगवान भरोसे छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तोड़फोड़ कर रहे परिजनों को किसी तरह से समझा-बुझाकर शांत किया। परिजनों के हंगामे को देखते हुए हॉस्पिटल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। परिजन शव को हॉस्पिटल से उठाने को तैयार नहीं थे और हालांकि पुलिस प्रशासन शव को उठवाने का प्रयास करने मे जुटे हुए थे। इस संबंध में हॉस्पिटल की चेयरमैन डा. शिवानी कौशिक का कहना है कि ब्लड चढ़ाते समय महिला की सांस फूलने लगी थी और उसकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई थी। जिसके चलते महिला को रेफर कर दिया गया था, महिला की मौत हॉस्पिटल में नहीं हुई है। 


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